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दिल्ली में रेल मंत्री से मुलाकात करते सांसद अनिल बलूनी त्रिवेंद्र सिंह रावत और विधायक अरविंद पांडेय
Dehradun: उत्तराखंड के राजनीतिक गलियारों में अक्सर कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी की चर्चा बनी रहती है। हाल में कांग्रेस के बड़े नेताओं ने पार्टी कार्यक्रमों में एक मंच पर आकर या एक साथ भीगीदारी करते हुए यह संदेश भी दिया कि पार्टी का छोटे से लेकर बड़े स्तर तक का हर कार्यकर्ता एकजुट है।
कांग्रेस गुटबाजी खत्म होने का संदेश दे रही है, लेकिन दूसरी तरफ पिछले कुछ महीनों से भाजपा नेताओं के बयानों और गतिविधियों से ऐसा संदेश जा रहा है कि सत्ताधारी पार्टी के भीतर सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। कई मौकों पर भाजपा के असंतुष्ट नेताओं की बातें अपनी ही सरकार को असहज करती रही हैं।
बताया जाता है कि राज्य में भारतीय जनता पार्टी के कई बड़े नेता मुख्यमंत्री धामी से नाराज चल रहे हैं। पिछले कुछ महीनों के दौरान उनके बयानों और तेवरों से भी उनकी नाराजगी स्पष्ट रूप से सामने आई है। उदाहरण के तौर पर देखें ,तो एक ओर जहां राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खनन को लेकर अपनी उपलब्धि सामने रखी, तो पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने संसद में अपनी नाराजगी जाहिर की।
सीएम धामी ने कहा है कि खनन क्षेत्र में पारदर्शिताआधुनिक तकनीक और सख्त नीतियों के कारण राज्य का वार्षिक खनन राजस्व 300-400 रुपए करोड़ से बढ़कर लगभग 1,200 करोड़ रुपए (चार गुना) हो गया है। इस बेहतरीन प्रदर्शन के लिए केंद्र सरकार ने उत्तराखंड को 200 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि दी।
इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने राज्य में बड़े पैमाने पर अवैध खनन और ओवरलोडिंग का आरोप लगाया। उन्होंने संसद में कहा कि नदियों से अवैध खनन और ट्रकों की ओवरलोडिंग से बुनियादी ढांचे और आम जनता की सुरक्षा को खतरा है, जिसे तत्काल रोकने की जरूरत है।
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गदरपुर से भाजपा के विधायक और राज्य के पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडेय भी कई बार अपनी बेबाकी से राज्य सरकार को असहज कर चुके हैं। विधायक पांडे एक बार फिर सुर्खियों में है। हाल में प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने गदरपुर में विधायक पांडेय के आवास पर उनसे मुलाकात भी की। इस मुलाकात को पांडेय को मनाने के नजरिये से देखा गया, लेकिन शुक्रवार को एक तस्वीर सामने आई, जिसमें पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत, पौड़ी सांसद अनिल बलूनी के साथ विधायक पांडेय भी केंद्रीय रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव से मुलाकात करते नजर आ रहे हैं।
इन बड़े नेताओं की रेल मंत्री से हुई मुलाकात को लेकर सियासी गलियारों में यह मायने निकाले जा रहे हैं कि राज्य में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को हटाने के लिए गुटबंदी शुरू हो चुकी है। असंतुष्टों का आक्रोश अब राज्य से निकलकर दिल्ली दरबार तक पहुंच चुका है।
गौरतलब है कि पिछले महीने त्रिवेंद्र सिंह रावत, अनिल बलूनी और मदन कौशिक हेली सेवा से अरविंद पांडेय के घर जाने वाले थे, लेकिन तब आलाकमान के दखल के बाद कार्यक्रम स्थगित हुआ था। कहा जा रहा है कि भाजपा आलाकमान असंतोष को दबाने की कोशिश करता है, तो राज्य के नेता मान जाते हैं, लेकिन इस बार असंतुष्ट फिर से गोलबंद हो रहे हैं, तो लगता है कि वे पूरी तरह से मुख्यमंत्री को हटवाने के मूड में हैं।
Location : Dehradun
Published : 28 February 2026, 3:09 PM IST
Topics : bjp CM Pushkar Singh Dhami Dehradun Politics News