‘मथुरा अभी बाकी है’ वाले बयान के बाद चंदे की चर्चा क्यों हुई तेज? जानिए पूरा मामला

राम मंदिर में चढ़ावे की कथित गड़बड़ी की जांच के बीच अब मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में भी दान और चढ़ावे की जांच की मांग उठी है। श्रीकृष्ण जन्मस्थान-शाही ईदगाह मामले के पक्षकार दिनेश फलाहारी ने सीएम योगी को खून से पत्र लिखकर सीबीआई जांच की मांग की है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 20 June 2026, 8:36 AM IST
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Mathura/Ayodhya: 1990 का वो दौर आज भी लोगों को याद है, जब राम मंदिर आंदोलन के दौरान एक नारा खूब गूंजता था "अयोध्या तो झांकी है, अभी काशी मथुरा बाकी है।" उस समय यह नारा मंदिर आंदोलन की राजनीति से जुड़ा था, लेकिन आज इसी नारे का संदर्भ बदलता नजर आ रहा है। वजह है मंदिरों में चढ़ावे और दान की रकम को लेकर उठे सवाल। अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी की जांच अभी चल ही रही है कि अब मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर को लेकर भी आरोप सामने आए हैं। श्रीकृष्ण जन्मस्थान-शाही ईदगाह मामले के पक्षकार दिनेश शर्मा फलाहारी ने आरोप लगाया है कि मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में भी कई वर्षों से चढ़ावे की रकम और कीमती सामान में गड़बड़ी की जा रही है। दिनेश फलाहारी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपने खून से पत्र लिखकर पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है।

कृष्ण जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे को लेकर लगाए आरोप

दिनेश फलाहारी का आरोप है कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में दान में मिलने वाली रकम, सोना-चांदी और आभूषणों की गिनती पारदर्शी तरीके से नहीं होती। उनका दावा है कि जब मंदिर की गुल्लक खोली जाती है तो कई बार सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए जाते हैं। इसके बाद चढ़ावे की रकम और कीमती सामान का हिसाब ठीक तरीके से नहीं रखा जाता। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर प्रबंधन से जुड़े कुछ लोग इस व्यवस्था का फायदा उठा रहे हैं और करोड़ों रुपये की संपत्तियां बना चुके हैं। दिनेश फलाहारी ने कहा कि जो लोग पहले स्कूटर या सामान्य साधनों से चलते थे, आज वे महंगी गाड़ियों में घूम रहे हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में संपत्तियां खरीदे जाने का भी आरोप लगाया है।

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सीएम योगी से की सीबीआई जांच की मांग

दिनेश शर्मा फलाहारी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील करते हुए कहा कि मंदिर से जुड़े दान और चढ़ावे की पूरी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं का पैसा और आस्था दोनों जुड़ी होती है। इसलिए दान की रकम का इस्तेमाल अस्पताल, स्कूल और जनकल्याण के कामों में होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर इस मामले में जांच नहीं कराई गई तो वह हाई कोर्ट में याचिका दाखिल करेंगे। उनका कहना है कि मंदिर से जुड़े पुजारियों और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जाएं, क्योंकि उन्हें पूरी व्यवस्था की जानकारी होती है।

फूल बंगला और छप्पन भोग को लेकर भी आरोप

दिनेश फलाहारी ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में होने वाले फूल बंगला और छप्पन भोग को लेकर भी आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि इन व्यवस्थाओं में भी कमीशनखोरी की जा रही है। उन्होंने मंदिर से जुड़े लोगों की संपत्तियों की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर श्रद्धालुओं के दान का सही इस्तेमाल किया जाए तो इससे समाज के लिए बड़े काम किए जा सकते हैं।

अब जानिए राम मंदिर चढ़ावा मामले में क्या हुआ

अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की जांच एसआईटी कर रही है। जांच के दौरान टीम ने मंदिर परिसर में जाकर सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं। इसके अलावा दान राशि की गिनती से जुड़े रिकॉर्ड, रजिस्टर, वाउचर और अन्य दस्तावेजों की जांच की गई है। एसआईटी ने मंदिर ट्रस्ट से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों से भी पूछताछ की है। जांच टीम ने यह जानने की कोशिश की कि दान पेटियों को खोलने, रकम गिनने और बैंक में जमा करने की प्रक्रिया किस तरह होती है। सूत्रों के मुताबिक, जांच टीम ने काउंटिंग से जुड़े करीब 60 लोगों से जानकारी ली है।

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टिन्नू ने आरोपों को बताया साजिश

राम मंदिर से जुड़े कर्मचारी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू पर भी आरोप लगे हैं। टिन्नू ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा है कि वह लंबे समय से विश्व हिंदू परिषद और राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे हैं। उनका कहना है कि जिस संपत्ति को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, वह उन्होंने मंदिर निर्माण से काफी पहले खरीदी थी और उसका निर्माण भी पहले ही हो चुका था। टिन्नू की पत्नी पूनम यादव ने भी आरोपों को साजिश बताया है। उन्होंने कहा कि उनके परिवार को बिना जांच के बदनाम किया जा रहा है।

तीन शिकायतें आईं, एफआईआर अभी नहीं

राम मंदिर चढ़ावा मामले में अब तक तीन शिकायतें सामने आ चुकी हैं। हालांकि अभी तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। एसआईटी पूरे मामले की जांच कर रही है और दस्तावेजों, सीसीटीवी फुटेज तथा मंदिर की व्यवस्थाओं से जुड़े रिकॉर्ड को खंगाला जा रहा है। अब मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर को लेकर उठी मांग के बाद यह मामला और बड़ा हो गया है। फिलहाल दोनों मामलों में जांच के बाद ही साफ होगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है, लेकिन इतना जरूर है कि मंदिरों में आने वाले दान और चढ़ावे की पारदर्शिता को लेकर बहस तेज हो गई है।

Location :  Mathura/Ayodhya

Published :  20 June 2026, 8:36 AM IST

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