अयोध्या राम मंदिर दान घोटाला: अब जमीन खरीद भी जांच के घेरे में, SIT ने खंगाले दस्तावेज

अयोध्या राम मंदिर दानराशि मामले में SIT की जांच तेज हो गई है। अब ट्रस्ट द्वारा 2021 से की गई भूमि खरीद भी संदेह के घेरे में है। 24 करोड़ के नजूल भूमि सौदे और हाल ही में खरीदी गई 71 एकड़ जमीन के रिकॉर्ड्स खंगाले जा रहे हैं। वित्तीय अनियमितता को लेकर 3 लोगों से पूछताछ हुई है।

Updated : 19 June 2026, 10:17 AM IST
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Ayodhya: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की दानराशि में कथित वित्तीय गड़बड़ी की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) की पड़ताल अब एक नए और गंभीर मोड़ पर पहुंच गई है। सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी ने दानराशि की चोरी के आरोपों के साथ-साथ श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा की गई जमीनों की खरीद-फरोख्त की भी गहराई से जांच शुरू कर दी है। इसके तहत वर्ष 2021 से लेकर अब तक की गई सभी भूमि खरीद से संबंधित पत्रावलियों और अभिलेखों को खंगाला जा रहा है।

दानराशि और जमीन खरीद के कनेक्शन की जांच

SIT की टीम विभिन्न स्तरों पर रिकॉर्ड्स का मिलान कर रही है ताकि दान में मिली राशि के उपयोग और भूमि खरीद के बीच के संभावित संबंधों (कलेक्शन) को समझा जा सके। जांच टीम मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित कर रही है-

  • भूमि खरीद की पूरी प्रक्रिया और उसका मूल्यांकन।
  • भुगतान के तरीके और उसमें शामिल संबंधित पक्षों की भूमिका।
  • निर्धारित सरकारी और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन।

सूत्रों के मुताबिक, कुछ मामलों में जमीनों के बाजार मूल्य (मार्केट रेट) और वास्तव में किए गए भुगतान (खरीद मूल्य) के बीच एक बड़ा अंतर देखने को मिला है, जिससे संदेह गहरा गया है। इस सिलसिले में वित्तीय फाइलों, मंजूरियों, भुगतान के कागजात और राजस्व रिकॉर्ड (लैंड रिकॉर्ड्स) का मिलान किया जा रहा है।

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तीन लोगों से पूछताछ, आधिकारिक बयान का इंतजार

मामले की गंभीरता को देखते हुए SIT द्वारा इस क्रम में तीन संदिग्ध या संबंधित लोगों से पूछताछ किए जाने की खबर भी सामने आई है। हालांकि, जांच एजेंसियां बेहद सतर्कता से कदम आगे बढ़ा रही हैं। अभी तक किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, और न ही एसआईटी या स्थानीय प्रशासन की तरफ से कोई औपचारिक बयान जारी किया गया है। दूसरी ओर, राम मंदिर ट्रस्ट हमेशा से अपने सभी वित्तीय लेन-देन और जमीन के सौदों को पूरी तरह से पारदर्शी और नियमानुसार बताता रहा है।

24 करोड़ रुपये की नजूल भूमि के सौदे पर बढ़ा शक

इस पूरी जांच के केंद्र में आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद संजय सिंह द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए कुछ दस्तावेज भी हैं। उन्होंने आरोप लगाया था कि करीब 3 करोड़ रुपये के वास्तविक मूल्य वाली एक नजूल भूमि का सौदा राम मंदिर ट्रस्ट द्वारा लगभग 24 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि में किया गया। इस दावे के बाद एसआईटी अब संबंधित दस्तावेजों, मूल्यांकन रिपोर्टों और बैंक भुगतान के रिकॉर्ड्स का गहराई से परीक्षण कर वास्तविक स्थिति का पता लगाने में जुटी है।

हाल ही में खरीदी गई 71 एकड़ जमीन भी रडार पर

ट्रस्ट द्वारा हाल के महीनों में खरीदी गई जमीनों की फाइलें भी एसआईटी ने अपने कब्जे में ले ली हैं। राम मंदिर ट्रस्ट की 21 मार्च को हुई बैठक के विवरण के अनुसार, ट्रस्ट ने अक्तूबर 2025 से 28 फरवरी 2026 के बीच कुल 71 एकड़ जमीन खरीदी है, जिस पर कुल 5,69,48,650 रुपये (लगभग 5.69 करोड़) व्यय किए गए हैं।

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बैठक में पेश किए गए जमीनों के विवरण इस प्रकार हैं-

2,691 वर्गफुट जमीन: 43.34 लाख रुपये

5,974 वर्गफुट जमीन: 94.17 लाख रुपये

12,378 वर्गफुट जमीन: 2.54 करोड़ रुपये

9,788 वर्गफुट जमीन: 1.54 करोड़ रुपये

इन सभी छोटे-बड़े भूखंडों की खरीद से जुड़ी पत्रावलियों की भी जांच की जा रही है ताकि यह साफ हो सके कि दान के पैसों का कहीं कोई दुरुपयोग तो नहीं हुआ है। फिलहाल, एसआईटी की इस कार्रवाई से मामले में हलचल तेज हो गई है।

Location :  Ayodhya

Published :  19 June 2026, 10:17 AM IST

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