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यूपी भाजपा में बड़ा बदलाव (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
New Delhi: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी संगठनात्मक स्तर पर बड़े बदलाव की तैयारी में जुट गई है। सीएम योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अब पार्टी का पूरा फोकस संगठन को नए सिरे से खड़ा करने पर है। इसी कड़ी में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी के नेतृत्व में नई प्रदेश टीम के गठन को लेकर दिल्ली में मंथन का दौर तेज हो गया है। भाजपा नेतृत्व संगठन को नया स्वरूप देने के साथ-साथ राजनीतिक रणनीति को भी धार देने की दिशा में काम कर रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह लगातार दिल्ली में शीर्ष नेतृत्व के साथ बैठकें कर रहे हैं। उनकी राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष और राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े के साथ कई दौर की चर्चा हो चुकी है। अब 2 और 3 जून को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ उत्तर प्रदेश भाजपा नेताओं की अहम बैठक प्रस्तावित है, जिसमें नई टीम को अंतिम रूप दिया जा सकता है।
संगठनात्मक बदलाव की प्रक्रिया को लेकर भाजपा नेतृत्व ने उत्तर प्रदेश सरकार के कई मंत्रियों और दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य तथा बृजेश पाठक को भी दिल्ली बुलाया है। माना जा रहा है कि इन नेताओं के साथ होने वाली बैठकों में संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल तथा आगामी चुनावी रणनीति पर चर्चा होगी।
पंकज चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के करीब छह महीने बाद उनकी नई टीम का गठन अंतिम चरण में पहुंच गया है। पिछले सप्ताह हुई बैठक में संभावित प्रदेश कार्यकारिणी के नामों की सूची शीर्ष नेतृत्व को सौंपी गई थी, जिसके बाद अब अंतिम सहमति बनाने की कवायद चल रही है।
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भाजपा इस बार संगठन में बड़े पैमाने पर बदलाव करने की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार, नई प्रदेश टीम में करीब 55 से 60 प्रतिशत नए चेहरों को शामिल किया जा सकता है। पार्टी युवा नेतृत्व को अवसर देने के साथ-साथ अनुभवी नेताओं का संतुलन भी बनाए रखना चाहती है।
भाजपा नेतृत्व का मानना है कि विधानसभा चुनाव नजदीक हैं, इसलिए पूरी टीम बदलना जोखिम भरा हो सकता है। ऐसे में एक ऐसा मॉडल तैयार किया जा रहा है जिसमें नए कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी मिले और चुनावी अनुभव रखने वाले नेताओं की भूमिका भी बनी रहे।
भाजपा के भीतर नई टीम को केवल औपचारिक संगठनात्मक बदलाव नहीं माना जा रहा है। पार्टी इसे 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी करने वाली ‘वार रूम टीम’ के रूप में देख रही है। संगठन में ऐसे नेताओं को प्राथमिकता मिलने की संभावना है जिनकी बूथ स्तर तक मजबूत पकड़ हो, जो सोशल मीडिया और जमीनी अभियानों में सक्रिय हों तथा जातीय और सामाजिक समीकरणों को साधने में सक्षम हों।
पार्टी खासतौर पर पिछड़ा वर्ग, गैर-यादव ओबीसी, दलित उपजातियों और युवा मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखने की रणनीति पर काम कर रही है। इसी वजह से नई टीम में क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन को विशेष महत्व दिया जाएगा।
भाजपा पूर्वांचल, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, बुंदेलखंड और अवध क्षेत्र से ऐसे चेहरों को आगे लाने की कोशिश में है जो अपने-अपने क्षेत्रों में संगठन को नई ऊर्जा दे सकें। पार्टी का मानना है कि क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और सामाजिक संतुलन चुनावी सफलता के लिए अहम भूमिका निभाएंगे।
हाल ही में पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में मिली चुनावी सफलताओं के बाद भाजपा का आत्मविश्वास बढ़ा है। पार्टी अब उसी आक्रामक चुनावी रणनीति को उत्तर प्रदेश में लागू करने की तैयारी कर रही है।
नई टीम के गठन से पहले संगठन के भीतर लॉबिंग और सिफारिशों का दौर भी तेज रहा है। कई मौजूदा पदाधिकारी अपनी जिम्मेदारियां बचाने के लिए सक्रिय हैं, जबकि नए दावेदार संगठन और सत्ता दोनों स्तरों पर अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुटे हुए हैं।
हालांकि, भाजपा नेतृत्व की ओर से स्पष्ट संकेत दिए गए हैं कि इस बार संगठन में परफॉर्मेंस को प्राथमिकता मिलेगी। ऐसे नेताओं को महत्व दिया जाएगा जिन्होंने जमीनी स्तर पर प्रभावी काम किया है और संगठन को मजबूत बनाने में योगदान दिया है।
सूत्रों के अनुसार, प्रदेश कार्यकारिणी के साथ-साथ भाजपा उत्तर प्रदेश के सभी छह क्षेत्रीय अध्यक्षों को भी बदल सकती है। इसे संगठनात्मक रीसेट का बड़ा कदम माना जा रहा है। क्षेत्रीय अध्यक्षों की नियुक्ति में सामाजिक समीकरण अहम भूमिका निभाएंगे। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट और ओबीसी समीकरण, पूर्वांचल में गैर-यादव पिछड़े और दलित वर्ग, जबकि मध्य उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण और ओबीसी संतुलन पर विशेष ध्यान दिया जा सकता है।
भाजपा नेतृत्व ऐसे चेहरों को आगे लाने के पक्ष में है जो केवल संगठनात्मक बैठकों तक सीमित न रहकर चुनावी प्रबंधन और जनसंपर्क में भी प्रभावी भूमिका निभा सकें। ऐसे में पंकज चौधरी के नेतृत्व में बनने वाली नई टीम को 2027 विधानसभा चुनाव की दिशा तय करने वाली महत्वपूर्ण इकाई माना जा रहा है।
Location : New Delhi
Published : 1 June 2026, 2:08 PM IST