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जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का पहला चरण पूरा हो गया है, जिसमें 2.5 लाख नाम हटाए गए हैं। अब, दावे और आपत्तियां 6 जनवरी से 6 फरवरी तक दाखिल की जा सकती हैं। आयोग ने नागरिकों से अपील की है कि वे त्रुटिरहित मतदाता सूची बनाने में अपना सहयोग दें।
प्रतीकात्मक फोटो (सोर्स: इंटरनेट)
Aligarh: अलीगढ़ जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया का पहला चरण सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। इस दौरान, कुल 14,05,078 मतदाताओं में से 2,51,964 नाम सूची से हटा दिए गए हैं। यह जिले के कुल मतदाताओं का 17.93 प्रतिशत है, जो कि एक महत्वपूर्ण आंकड़ा है। इस प्रक्रिया में, जिन मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, वे या तो सही जानकारी उपलब्ध नहीं करा पाए थे या फिर उनके विवरण में कोई त्रुटि थी।
विधानसभा क्षेत्रवार मतदाता सूची का पुनरीक्षण दिखाता है कि कुछ क्षेत्रों में नामों की अधिक संख्या में कटौती हुई है। ओबरा विधानसभा क्षेत्र में सर्वाधिक 24 प्रतिशत मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। इसके बाद दुद्धी (19 प्रतिशत), रॉबर्ट्सगंज (15 प्रतिशत) और घोरावल (13.7 प्रतिशत) में सबसे ज्यादा नाम काटे गए। इस तरह, विशेष गहन पुनरीक्षण में सबसे अधिक परिवर्तन ओबरा क्षेत्र में देखा गया।
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1. स्थायी रूप से पता बदलने वाले 1,23,046 मतदाता: जिनका नया पता पंजीकरण में उपलब्ध नहीं था।
2. 32,883 मृत मतदाता: जिनकी मृत्यु हो चुकी थी, और उनकी जानकारी अपडेट नहीं की गई थी।
3. 65,261 अनुपस्थित मतदाता: जिनका सत्यापन के दौरान कोई विवरण उपलब्ध नहीं हो पाया।
4. 27,796 मतदाता: जिनके नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज थे और ऐसे नामों को सूची से हटा दिया गया।
अब, 6 जनवरी से 6 फरवरी 2026 तक दावे और आपत्तियां दाखिल की जा सकती हैं। यह अवसर उन मतदाताओं को मिलेगा जिनका नाम पहली ड्राफ्ट सूची में नहीं है या जिनके विवरण में त्रुटियां हैं। चुनाव आयोग ने यह भी घोषणा की है कि इस दौरान, जो लोग सूची में अपना नाम जुड़वाना चाहते हैं, वे फॉर्म-6 भरकर बीएलओ को प्रस्तुत कर सकते हैं।
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6 जनवरी, 2026 को सभी बूथों पर मतदाता सूची का आलेख्य प्रकाशन किया जाएगा। इसके बाद, नागरिक अपने नाम की पुष्टि के लिए संबंधित बूथों पर जाकर सूची को देख सकते हैं। निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ERO) और अतिरिक्त अधिकारियों की टीम इन दावों और आपत्तियों की जांच करेगी और आवश्यकता अनुसार कार्रवाई करेगी। इस प्रक्रिया को सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है।