नसबंदी के बाद भी 64 महिलाएं हुई गर्भवती, अलीगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने कहा- हम मुआवजा देंगे, लेकिन…

अलीगढ़ में नसबंदी के बाद 64 महिलाओं के गर्भवती होने से स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। मुआवजे की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन नियमों की अनदेखी पर 8 दावे खारिज कर दिए गए हैं।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 6 January 2026, 5:28 PM IST
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Aligarh: परिवार नियोजन जैसे संवेदनशील और भरोसे से जुड़े कार्यक्रम में अगर चूक हो जाए तो उसका असर सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि महिलाओं की जिंदगी पर सीधा पड़ता है। अलीगढ़ जिले से सामने आया मामला स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है, जहां नसबंदी कराने के बावजूद दर्जनों महिलाएं दोबारा गर्भवती हो गई हैं। मामला सामने आते ही विभाग में हड़कंप मच गया और अब मुआवजे से लेकर नियमों की पड़ताल तक का दौर शुरू हो चुका है।

नसबंदी के बाद भी गर्भधारण

अलीगढ़ जिले में परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत वर्ष 2025 में नसबंदी कराने वाली 64 महिलाएं दोबारा गर्भवती हो गई। इन मामलों को नसबंदी फेलियर माना गया है। महिलाओं की ओर से विभाग में अपील करने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मुआवजे की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार अब तक 62 मामलों की मुआवजा राशि विभाग के पास पहुंच चुकी है।

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नियम तोड़े, दावे खारिज

हालांकि, सभी मामलों में महिलाओं को राहत नहीं मिल सकी। स्वास्थ्य विभाग ने नियमों की अनदेखी के चलते 6 ब्लॉकों से आए 8 दावों को खारिज कर दिया है। नियम के अनुसार नसबंदी के बाद गर्भधारण की जानकारी 90 दिनों के भीतर विभाग को देना अनिवार्य है। तय समय सीमा के बाद दावा करने पर मुआवजा नहीं दिया जा सकता। खारिज किए गए मामलों में लोधा और छर्रा के दो-दो केस शामिल हैं, जबकि अकराबाद, जवां, टप्पल और गोंडा से एक-एक केस सामने आए हैं।

CMO का बयान

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नीरज त्यागी ने बताया कि जिले में कुल 64 नसबंदी फेलियर के केस आए हैं। 90 दिन के बाद दावा करने पर आठ मामलों को निरस्त किया गया है। इन मामलों की सूचना संबंधित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सा अधीक्षकों को दे दी गई है।

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महिलाएं आगे, पुरुष पीछे

आंकड़े बताते हैं कि परिवार नियोजन में अब भी महिलाओं की भागीदारी पुरुषों की तुलना में कहीं ज्यादा है। वर्ष 2024 में महिला नसबंदी का लक्ष्य 6000 था, जबकि 6200 महिलाओं ने नसबंदी कराई। वहीं पुरुष नसबंदी में लक्ष्य 80 के मुकाबले सिर्फ 40 केस ही पूरे हो सके। वर्ष 2025 में महिला नसबंदी लक्ष्य का अभी तक 50 प्रतिशत ही पूरा हो पाया है, जबकि पुरुष नसबंदी की स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है।

प्रोत्साहन राशि

महिला नसबंदी पर 2,000 रुपये, प्रसव पश्चात नसबंदी पर 3,000 रुपये और पुरुष नसबंदी पर 3,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है।

Location : 
  • Aligarh

Published : 
  • 6 January 2026, 5:28 PM IST

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