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देवरिया के गौरीबाजार नगर पंचायत में अवैध रूप से संचालित अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर दो सेंटर सील किए।
अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर छापेमारी
Deoria: देवरिया जनपद के गौरीबाजार नगर पंचायत क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर आखिरकार प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। भारी अनियमितताओं और गैरकानूनी गतिविधियों की शिकायत मिलने के बाद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं सदर एसडीएम श्रुति शर्मा के नेतृत्व में बड़ी कार्रवाई की गई।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, इस कार्रवाई में दो अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटरों को सील कर दिया गया, जबकि अन्य संदिग्ध केंद्रों की गहन जांच की गई।
डाइनामाइट न्यूज़ के संवाददाता के अनुसार, यह कार्रवाई IGRS पोर्टल के माध्यम से दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि गौरीबाजार क्षेत्र में लंबे समय से बिना पंजीकरण और मानकों के अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालित हो रहे हैं। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने सोमवार शाम को छापेमारी की।
प्रशासनिक कार्रवाई की सूचना पहले ही कुछ सेंटर संचालकों तक पहुंच गई थी। नतीजतन, कई अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटरों को समय रहते बंद कर दिया गया और कुछ जगहों से मशीनें हटा ली गईं। इसके बावजूद प्रशासन ने ओवरब्रिज के नीचे और बस स्टेशन के पास एक गली में संचालित दो अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटरों को मौके पर सील कर दिया।
छापेमारी के दौरान दोनों ही स्थानों पर अल्ट्रासाउंड सेंटर के संचालक फरार पाए गए। प्रशासन ने सेंटरों के बाहर लगे तालों को सील करते हुए नोटिस चस्पा कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि फरार संचालकों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इन अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटरों में गोपनीय रूप से लिंग परीक्षण किए जाने की भी आशंका थी। इसके अलावा, बिना प्रशिक्षित स्टाफ और मानक उपकरणों के जरिए मरीजों का आर्थिक और मानसिक शोषण किया जा रहा था। समय पर कार्रवाई न होने से यह अवैध कारोबार लगातार फल-फूल रहा था।
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इस पूरे मामले में कुछ स्थानीय आशा कार्यकर्ताओं की संलिप्तता की जानकारी भी सामने आई है। आरोप है कि इनके सहयोग से अवैध अल्ट्रासाउंड और पैथोलॉजी सेंटरों को मरीज उपलब्ध कराए जा रहे थे। प्रशासन ने इस बिंदु को भी जांच के दायरे में लिया है और संबंधित लोगों से पूछताछ की तैयारी की जा रही है।
प्रशासन ने साफ शब्दों में कहा है कि यह कार्रवाई केवल शुरुआत है। जिले में अवैध रूप से संचालित किसी भी अल्ट्रासाउंड, पैथोलॉजी या मेडिकल सेंटर को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए नियमित छापेमारी और सख्त कदम उठाए जाएंगे।