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महराजगंज के निचलौल क्षेत्र में निर्माणाधीन तेंदुआ रेस्क्यू सेंटर का डीएम संतोष कुमार शर्मा ने निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सख्त निर्देश दिए और संपर्क मार्ग व बिजली व्यवस्था के लिए अनुपूरक मांग भेजने को कहा। 14 करोड़ की लागत से बन रहा यह सेंटर वन्यजीव संरक्षण और मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने में मदद करेगा।
डीएम ने लिया निर्माण कार्य का जायजा
Maharajganj: महराजगंज जिले में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में बन रहे तेंदुआ रेस्क्यू सेंटर का जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने सोमवार को तहसील निचलौल क्षेत्र में स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने निर्माणाधीन सेंटर में प्रस्तावित विभिन्न संरचनाओं का अवलोकन किया और कार्य की प्रगति व गुणवत्ता की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
अस्पताल, क्वारेंटाइन और रेस्क्यू सेल का लिया जायजा
निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने वन्यजीव अस्पताल, क्वारेंटाइन सेल, नाइट सेल, रेस्क्यू सेल सहित अन्य निर्माणाधीन इकाइयों को देखा। उन्होंने डीएफओ निरंजन सुर्वे को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में किसी भी स्तर पर गुणवत्ता से समझौता न किया जाए। डीएम ने कहा कि निर्माण में प्रयुक्त ईंट, सरिया और अन्य सामग्रियों की नियमित गुणवत्ता जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि संरचनाएं मानकों के अनुरूप और लंबे समय तक टिकाऊ रहें।
संपर्क मार्ग और बिजली की व्यवस्था पर निर्देश
डीएफओ ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि लेपर्ड रेस्क्यू सेंटर की मूल डीपीआर में संपर्क मार्ग और विद्युत संयोजन का प्रावधान नहीं है। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभाग को शीघ्र अनुपूरक मांग भेजने के निर्देश दिए, जिससे भविष्य में सेंटर के संचालन में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
समय सीमा में निर्माण पूरा करने के आदेश
जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था सीएनडीएस को निर्देश दिए कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि लेपर्ड रेस्क्यू सेंटर जनपद में तेंदुओं के संरक्षण और उनके सुरक्षित पुनर्वास की दिशा में एक महत्वपूर्ण परियोजना है। यह सेंटर न केवल वन्यजीव संरक्षण को मजबूती देगा, बल्कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम कर आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी सहायक होगा।
14 करोड़ की लागत से बन रहा प्रोजेक्ट
गौरतलब है कि लेपर्ड रेस्क्यू सेंटर की कुल लागत लगभग 14 करोड़ रुपये है। परियोजना के अंतर्गत वन्यजीव अस्पताल, क्वारेंटाइन सेल, नाइट सेल, रेस्क्यू सेल, वन्यजीव बाड़ा सहित अन्य आवश्यक संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान डीएफओ निरंजन सुर्वे, एसडीएम सदर सिद्धार्थ गुप्ता, रेंजर मधवलिया अजीत भास्कर सहित वन विभाग और प्रशासन के अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।