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महराजगंज कोर्ट
Maharajganj: उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर प्रदेशभर में चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत महराजगंज पुलिस को एक अहम सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक सोमेन्द्र मीना के निर्देशन में गंभीर और चिन्हित मुकदमों में की जा रही प्रभावी पैरवी का असर अब न्यायिक फैसलों में साफ दिखाई देने लगा है। नाबालिग के अपहरण, दुष्कर्म और धमकी के मामले में अदालत ने आरोपी को दोषसिद्ध करते हुए कड़ी सजा सुनाई है।
गंभीर धाराओं में दर्ज था मुकदमा
यह मामला थाना कोतवाली में पंजीकृत से जुड़ा है। इसमें आरोपी सचिन वर्मा पुत्र अमरजीत वर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोपी अपने साथ नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर ले गया। इसके बाद आरोपी ने चाकू दिखाकर पीड़िता के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाया। इतना ही नहीं, पीड़िता को जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
प्रभावी पैरवी से तेजी से पूरा हुआ ट्रायल
ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत महराजगंज पुलिस ने अभियोजन विभाग के साथ लगातार समन्वय बनाकर न्यायालय में मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए और प्रभावी पैरवी की। इसी का परिणाम रहा कि मामले का विचारण तेजी से पूरा हुआ और दोषी को सजा दिलाई जा सकी।
अदालत ने सुनाई 20 साल की सजा और जुर्माना
सोमवार 02 फरवरी 2026 को विशेष न्यायाधीश, अनन्य न्यायालय (पोक्सो अधिनियम) ने अभियुक्त को सभी आरोपों में दोषसिद्ध ठहराया। न्यायालय ने आरोपी को 20 वर्ष का सश्रम कारावास और 2,06,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में आरोपी को 06 माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।
पुलिस प्रशासन ने फैसले का किया स्वागत
पुलिस प्रशासन ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि महिलाओं और नाबालिगों के विरुद्ध अपराधों में दोषियों को कठोर सजा दिलाना महराजगंज पुलिस की प्राथमिकता है। ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत यह कार्रवाई आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगी।
Location : Maharajganj
Published : 2 February 2026, 6:56 PM IST