हिंदी
महराजगंज के कोल्हुई थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसे में दो वर्षीय मासूम की खुले पानी भरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। खेलते समय गेंद निकालने के दौरान बच्चा गड्ढे में गिर गया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक का माहौल है।
थाना कोल्हुई
Maharajganj: महराजगंज जिले के कोल्हुई थाना क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। बड़गो गांव के मलंगडीह टोले में सोमवार को मात्र दो वर्षीय मासूम बच्चे की खुले पानी भरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। यह हादसा उस वक्त हुआ, जब बच्चा घर के पास अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता को मिली जानकारी के अनुसार, गांव निवासी नसीम का दो साल का पुत्र घर के पास खेल रहा था। खेल के दौरान अचानक उसकी गेंद पास की नाली में गिर गई। मासूम बच्चा गेंद निकालने के लिए नाली के पास गया, जहां पहले से ही एक खुला और पानी से भरा गड्ढा मौजूद था। संतुलन बिगड़ने के कारण बच्चा सीधे उसी गड्ढे में गिर गया और देखते ही देखते पानी में डूब गया।
हादसे के समय आसपास कोई बड़ा मौजूद नहीं था। बच्चा काफी देर तक नजर नहीं आया तो परिजनों को चिंता हुई। पहले उन्होंने आसपास खोजबीन की, लेकिन जब कहीं पता नहीं चला तो आशंका और बढ़ गई। इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने मिलकर गहन तलाश शुरू की।
तलाश के दौरान बच्चे का शव उसी पानी भरे गड्ढे में पड़ा मिला। यह दृश्य देखकर परिजनों के होश उड़ गए। आनन-फानन में बच्चे को नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। बच्चे की मां का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पिता और अन्य परिजन सदमे में हैं। घर में चीख-पुकार और मातम का माहौल है। गांव के लोग भी इस घटना से गहरे दुख में डूबे हुए हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में कई जगह खुले गड्ढे और नालियां हैं, जिन्हें अब तक सुरक्षित नहीं किया गया है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते इन खतरनाक स्थानों को ढक दिया गया होता, तो शायद इस मासूम की जान बचाई जा सकती थी।
यह घटना एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। ग्रामीण क्षेत्रों में खुले गड्ढे, नाले और बोरवेल अक्सर हादसों का कारण बनते हैं। ऐसे में प्रशासन और समाज दोनों की जिम्मेदारी है कि इन खतरनाक स्थानों को तुरंत सुरक्षित किया जाए और अभिभावकों को भी बच्चों पर विशेष नजर रखने की जरूरत है।