शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स-निफ्टी लाल निशान में धड़ाम; जानें क्या है वजह?

शुक्रवार को शेयर बाजार कमजोर खुला। सेंसेक्स 450 अंक से ज्यादा गिरा और निफ्टी 25,350 के नीचे पहुंचा। एयरटेल और इंडिगो में बिकवाली, आईटी सेक्टर में हल्की रिकवरी। जानिए एक्सपर्ट की राय।

Post Published By: Sapna Srivastava
Updated : 27 February 2026, 10:48 AM IST
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New Delhi: भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को कमजोरी के साथ शुरुआत की और दिन बढ़ने के साथ बिकवाली का दबाव तेज होता गया। शुरुआती कारोबार में BSE Sensex 450 अंकों से अधिक गिरकर 82,000 के नीचे फिसल गया, जबकि Nifty 50 25,350 के स्तर से नीचे कारोबार करता दिखा। निवेशकों ने वैश्विक अनिश्चितता के बीच सतर्क रुख अपनाया।

एयरटेल और इंडिगो में दबाव

टेलीकॉम और एविएशन सेक्टर के शेयरों में कमजोरी रही। Bharti Airtel और InterGlobe Aviation (इंडिगो) के शेयरों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई, जिससे प्रमुख सूचकांकों पर दबाव बढ़ा। दूसरी ओर आईटी सेक्टर में हल्की रिकवरी देखने को मिली और कुछ टेक शेयरों ने गिरते बाजार को संभालने की कोशिश की।

सीमित दायरे में रह सकता है बाजार

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक उतार-चढ़ाव के बीच घरेलू बाजार फिलहाल सीमित दायरे में रह सकता है। Motilal Oswal Financial Services के सिद्धार्थ खेमका के अनुसार निवेशकों को घरेलू मांग आधारित सेक्टरों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने पीएसयू बैंक, ऑटो, हेल्थकेयर, मेटल और कैपिटल गुड्स सेक्टर में अपेक्षाकृत बेहतर मांग संकेतों का जिक्र किया। उनका कहना है कि मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों में चरणबद्ध निवेश रणनीति अपनाना समझदारी होगी।

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ग्लोबल मार्केट से मिले-जुले संकेत

अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिश्रित संकेत मिले। अमेरिका में S&P 500 फ्यूचर्स करीब 0.4% फिसले। जापान का टॉपिक्स इंडेक्स 0.4% चढ़ा, जबकि ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 लगभग सपाट रहा। हांगकांग का हैंग सेंग 0.7% की बढ़त में दिखा, वहीं शंघाई कंपोजिट और यूरोप के यूरो स्टॉक्स 50 फ्यूचर्स में ज्यादा बदलाव नहीं रहा। इन संकेतों ने घरेलू निवेशकों को सतर्क बनाए रखा, जिससे बाजार में अस्थिरता बनी रही।

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विशेषज्ञों का कहना

विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा हालात में घबराहट में फैसले लेने से बचना चाहिए। घरेलू आर्थिक संकेतक, मांग में सुधार और नीतिगत फैसले बाजार की दिशा तय करेंगे। लंबी अवधि के निवेशकों को मजबूत बैलेंस शीट और स्थिर आय वाली कंपनियों पर नजर रखनी चाहिए। साथ ही, पोर्टफोलियो में विविधता बनाए रखना जोखिम कम करने में मदद कर सकता है।

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  • New Delhi

Published : 
  • 27 February 2026, 10:48 AM IST

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