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कुशीनगर में पंचायत निर्वाचक नामावली के डी-डुप्लीकेट सत्यापन कार्य में सुस्ती पर जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाया है। सेवरही, सुकरौली और फाजिलनगर के खंड विकास अधिकारियों से तीन दिन में जवाब मांगा गया है।
जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर
Kushinagar: कुशीनगर में पंचायत मतदाता सूची के डी-डुप्लीकेट सत्यापन और ऑनलाइन फीडिंग में भारी लापरवाही सामने आई है। समयसीमा नजदीक है, लेकिन तीन विकास खंडों की प्रगति बेहद धीमी पाई गई। इस पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए तीन खंड विकास अधिकारियों से तीन दिन के भीतर जवाब तलब कर लिया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अगर जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो सीधे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
20 फरवरी 2026 तक शत-प्रतिशत पूरा किया जाना अनिवार्य
पंचायत निर्वाचक नामावली के वृहद पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा डी-डुप्लीकेट मतदाताओं के सत्यापन और ऑनलाइन फीडिंग का काम पूरे जिले में चल रहा है। आयोग के पत्र संख्या 631 के तहत सभी खंड विकास अधिकारियों को इस कार्य के लिए नोडल अधिकारी नामित किया गया है। आयोग की समयसारिणी के अनुसार यह पूरा काम 20 फरवरी 2026 तक शत-प्रतिशत पूरा किया जाना अनिवार्य है।
देखिए आंकड़े
लेकिन 16 फरवरी 2026 तक की समीक्षा रिपोर्ट ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी। विकास खंड सेवरही में 75,096 संभावित डुप्लीकेट मतदाताओं के मुकाबले सिर्फ 1,559 की ऑनलाइन फीडिंग हो सकी, जो महज 2.08 प्रतिशत है। वहीं सुकरौली में 60,680 के सापेक्ष 4,074 यानी करीब 6.71 प्रतिशत काम हुआ। फाजिलनगर में 69,719 संभावित डुप्लीकेट मतदाताओं में से 5,532 की फीडिंग हुई, जो लगभग 7.93 प्रतिशत है। समीक्षा में यह भी सामने आया कि बीएलओ स्तर पर सत्यापन और विवरण जमा करने की रफ्तार भी बेहद धीमी है। इसका असर प्रदेश स्तर पर जिले की रैंकिंग पर पड़ रहा है और आयोग ने भी असंतोष जताया है।
तीन दिनों में मांगा जवाब
जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत एवं नगरीय निकाय)/जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने सेवरही, सुकरौली और फाजिलनगर के खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे 3 दिन के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि जवाब समय से और संतोषजनक नहीं मिला तो उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम 1947 की धारा 12 (ख)(घ) के तहत विधिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने जिले के सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि डी-डुप्लीकेट मतदाता सत्यापन और फीडिंग का कार्य तय समयसीमा में हर हाल में पूरा किया जाए, ताकि पंचायत चुनाव प्रक्रिया में किसी तरह की गड़बड़ी न हो।