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लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्रों का धरना (Img : Google)
Lucknow : लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्रों के निष्कासन और फीस बढ़ोत्तरी को लेकर छिड़ा विवाद अब पूरी तरह राजनीतिक रंग लेता नजर आ रहा है। सातवें दिन भी जारी अनिश्चितकालीन धरने ने कैंपस की सियासत को गर्म कर दिया है। जहां छात्र आंदोलन के समर्थन में विपक्षी दलों के नेता खुलकर मैदान में उतर आए हैं।
लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्रों का अनिश्चितकालीन धरना सोमवार को सातवें दिन भी जारी रहा। छात्र निष्कासन वापस लेने और फीस वृद्धि को रद्द करने की मांग पर अड़े हुए हैं। धरना स्थल पर छात्रों की भीड़ लगातार बनी हुई है और नारेबाजी के साथ माहौल लगातार गर्म है।
धरने पर बैठे छात्रों का कहना है कि जब भी वे छात्र हितों की बात करते हैं। उन पर कार्रवाई की जाती है। वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन पर मनमाने तरीके से फीस बढ़ाने का आरोप लगाया जा रहा है। छात्रों की लगातार नारेबाजी से पूरा कैंपस तनावपूर्ण बना हुआ है।
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धरना स्थल पर समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मेहरोत्रा पहुंचे और उन्होंने वहीं से एलयू के कुलपति को फोन मिलाया। उन्होंने साफ कहा कि छात्रों के साथ किसी भी तरह का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही कांग्रेस के फरेंदा विधायक वीरेंद्र चौधरी के भी धरना स्थल पर पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने भी धरना स्थल पर पहुंचकर कुलपति से बातचीत की थी और छात्रों का निष्कासन वापस लेने की अपील की थी। अब विपक्षी दलों के लगातार समर्थन से यह मामला पूरी तरह राजनीतिक आंदोलन का रूप लेता जा रहा है।
छात्रों के लगातार आंदोलन और राजनीतिक हस्तक्षेप के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अब तक कोई नई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे स्थिति और अधिक तनावपूर्ण बनी हुई है।
धरने पर बैठे छात्रों ने साफ कर दिया है कि जब तक निष्कासन वापस नहीं लिया जाता और फीस वृद्धि पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं होता, तब तक उनका आंदोलन अनिश्चितकालीन रूप से जारी रहेगा।
Location : Lucknow
Published : 9 June 2026, 12:08 AM IST