इस्तीफा मिला, लेकिन आंदोलन नहीं रुका! बिहार बंद ने दिया छात्रों के अगले मिशन का बड़ा संकेत

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद छात्रों में खुशी जरूर दिखी, लेकिन बिहार बंद ने साफ कर दिया कि आंदोलन सिर्फ एक इस्तीफे तक सीमित नहीं है। छात्र अब नीट पेपर लीक मामले में जवाबदेही, पारदर्शिता और शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की मांग पर अड़े हैं।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 25 July 2026, 5:38 PM IST
google-preferred

Patna: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद देशभर में कई जगह छात्रों ने खुशी जताई, लेकिन बिहार में तस्वीर कुछ अलग दिखाई दी। छात्र संगठनों के आह्वान पर शनिवार को बिहार बंद आयोजित किया गया। इस दौरान छात्रों ने साफ संदेश दिया कि उनका आंदोलन सिर्फ किसी एक मंत्री के इस्तीफे तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग अभी भी जारी रहेगी।

शिवहर में प्रदर्शन जारी, सड़क पर उतरे छात्र

शिवहर के जीरोमाइल चौक पर भीम आर्मी भारत एकता मिशन के बैनर तले बड़ी संख्या में छात्र एकत्र हुए। केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बावजूद प्रदर्शन जारी रखा गया। छात्रों ने कहा कि पेपर लीक जैसे मामलों ने लाखों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है, इसलिए केवल राजनीतिक बदलाव नहीं बल्कि व्यवस्था में सुधार जरूरी है। प्रदर्शन के दौरान शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को दोहराया गया।

पटना में जश्न के साथ दिखा संघर्ष का संकल्प

पटना के डाकबंगला चौराहे पर छात्रों ने इस्तीफे की खबर मिलते ही खुशी जताई और जीत के नारे लगाए। हालांकि छात्र नेताओं का कहना था कि यह आंदोलन की पहली सफलता है, अंतिम मंजिल नहीं। उनका कहना है कि जब तक परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी नहीं बनाया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

मोदी सरकार के 12 साल में पहला बड़ा इस्तीफा: 2021 से 2026 तक संभाला शिक्षा मंत्री का पद, जानें उनका पूरा राजनीतिक सफर

दिल्ली से बिहार तक बना दबाव

जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन, लाठीचार्ज और उसके बाद देशभर में उठी आवाज ने पूरे मुद्दे को राष्ट्रीय बहस बना दिया। इसी दबाव के बीच हुए घटनाक्रम के बाद बिहार बंद ने यह दिखाया कि छात्रों की एकजुटता अब किसी एक राज्य तक सीमित नहीं रही। युवाओं का कहना है कि उनका उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों के लिए निष्पक्ष और भरोसेमंद शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना है।

Dharmendra Pradhan Resigns: ‘झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए’.. खिल उठा हर चेहरा; जंतर मंतर पर सीजेपी का जश्न

अब आगे क्या?

छात्र संगठनों का कहना है कि वे अपनी अगली रणनीति जल्द घोषित करेंगे। उनका फोकस केवल विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि परीक्षा प्रक्रिया में सुधार, जवाबदेही तय करने और भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदमों की मांग पर रहेगा। बिहार बंद ने यह संदेश दे दिया कि युवाओं की आवाज अब लंबे समय तक नजरअंदाज करना आसान नहीं होगा।

Location :  Patna

Published :  25 July 2026, 5:38 PM IST

Related News

Advertisement