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इस्लामाबाद की सरहद यूनिवर्सिटी में तांडव (सोर्स- एक्स)
New Delhi: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद इन दिनों अपनी अकादमिक व्यवस्था को लेकर नहीं, बल्कि सेना की दादागिरी के कारण सुर्खियों में है। इस्लामाबाद स्थित सरहद यूनिवर्सिटी के रावत कैंपस में सोमवार को जो हुआ, उसने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि पाकिस्तान में कानून और संविधान से ऊपर वर्दीधारी अधिकारियों की मनमानी चल रही है। फीस वृद्धि और लचर क्लास शेड्यूल के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे निहत्थे छात्रों पर पाकिस्तान सेना के एक अधिकारी ने सरेआम गोलियां बरसाईं। इस घटना ने एक बार फिर यूनिवर्सिटी परिसरों की सुरक्षा और सेना के आंतरिक अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना की शुरुआत प्रशासनिक नाकामी और अहंकार के मेल से हुई। यूनिवर्सिटी के छात्र अपनी मांगों को लेकर हेड ऑफ डिपार्टमेंट के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। स्थिति को संभालने के बजाय, स्टूडेंट अफेयर्स की हेड डॉ आइना ने अपनी प्रशासनिक क्षमता का इस्तेमाल करने के बजाय निजी ताकत का सहारा लिया। सूत्रों के मुताबिक, जब छात्र अपनी जायज मांगों पर अड़े रहे और पीछे हटने को तैयार नहीं हुए, तो डॉ आइना ने अपने पति जो पाकिस्तान सेना में एक उच्च पदस्थ अधिकारी (कर्नल या ब्रिगेडियर रैंक) हैं, को फोन कर तुरंत कैंपस में बुला लिया। चंद मिनटों के भीतर आर्मी ऑफिसर पति अपनी सर्विस गन और डंडा लेकर यूनिवर्सिटी के प्रांगण में पहुंच गया।
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यूनिवर्सिटी परिसर में घुसते ही उस सैन्य अधिकारी ने तानाशाही का खुला प्रदर्शन किया। चश्मदीदों के अनुसार, उसने बिना किसी चेतावनी या उकसावे के प्रदर्शनकारी छात्रों को डंडों से पीटना शुरू कर दिया। जब छात्रों ने इस गुंडागर्दी का विरोध किया, तो गुस्से में अंधे हो चुके उस अधिकारी ने अपनी सर्विस पिस्टल निकाल ली और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। दिनदहाड़े चली गोलियों की आवाज से पूरा कैंपस दहल गया और छात्र जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। एक शिक्षा के केंद्र में इस तरह की हिंसा ने छात्रों और उनके अभिभावकों को झकझोर कर रख दिया है।
इस खौफनाक वारदात का एक वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया, जिसमें वह सैन्य अधिकारी हाथ में पिस्टल लहराते और हवा में गोलियां चलाते साफ नजर आ रहा है। फुटेज वायरल होने के बाद पाकिस्तान भर में छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा और आरोपी अधिकारी के खिलाफ तुरंत कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की जाने लगी। बढ़ते सार्वजनिक दबाव और थू-थू के बीच, पाकिस्तान सेना ने लीपापोती शुरू करते हुए अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई (डिसिप्लिनरी एक्शन) और आंतरिक जांच के आदेश दिए हैं। हालांकि, सवाल यह है कि क्या हमेशा की तरह यह जांच भी फाइलों में दबी रह जाएगी या इस 'वर्दी वाले गुंडे' को सजा मिलेगी?
Location : New Delhi
Published : 25 August 2026, 10:15 AM IST