वाराणसी-प्रयागराज मार्ग पर भीषण जाम: मिर्जापुर में भीम आर्मी के चक्का जाम से मचा हड़कंप, जानिए क्या है कार्यकर्ताओं की मांग!

केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की खबर के बावजूद मिर्जापुर के भरुनहा चौराहे पर भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर चक्का जाम कर दिया। पुलिस के समझाने के बाद भी आखिर कार्यकर्ता किस बात पर अड़े रहे? वाराणसी-प्रयागराज मार्ग पर मचे इस सियासी बवाल की पूरी इनसाइड स्टोरी पढ़ें।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 25 July 2026, 4:50 PM IST
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Mirzapur: मिर्जापुर के रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण भरुनहा चौराहे पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने जी डी बिनानी कॉलेज के सामने जोरदार प्रदर्शन करते हुए चक्का जाम कर दिया। कार्यकर्ता भारी संख्या में जमा होकर कलेक्ट्रेट पहुंचना चाहते थे, ताकि पेपर लीक मामले को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा जा सके।

जब छात्र आंदोलनों ने रोका था पहिया

पूर्वांचल में छात्र और युवा संगठनों के आंदोलन का इतिहास काफी पुराना रहा है। इससे पहले भी जब-जब प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली या पेपर लीक के बड़े मामले सामने आए हैं, तब-तब वाराणसी और मिर्जापुर जैसे जिलों में छात्रों का गुस्सा सड़कों पर फूटा है। हाल ही में NEET-UG परीक्षा में धांधली के बाद देश भर में भड़की आक्रोश की चिंगारी अब मिर्जापुर के भरुनहा चौराहे तक पहुंच चुकी है।

इस्तीफे की सूचना के बाद भी जिद पर अड़े कार्यकर्ता

जैसे ही मिर्जापुर पुलिस प्रशासन को इस प्रदर्शन की सूचना मिली, पुलिस टीम सतर्क हो गई। पुलिस अधिकारियों ने कार्यकर्ताओं को जानकारी दी कि महज दो घंटे पहले ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपना इस्तीफा दे चुके हैं, इसलिए अब इस्तीफे या विरोध का कोई औचित्य नहीं रह जाता। हालांकि, इसके बावजूद भीम आर्मी के कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर जिद पर अड़े रहे और सड़क पर डटे रहे।

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सुरक्षा व्यवस्था सख्त: रस्सियों से की गई बैरिकेडिंग

भरुनहा चौराहा संवेदनशील इलाका माना जाता है, क्योंकि यहाँ से एक रास्ता वाराणसी तो दूसरा रास्ता प्रयागराज की तरफ जाता है। चक्का जाम के कारण मुख्य मार्ग पर भीषण जाम लग गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने आनन-फानन में रस्सियाँ लगाकर बैरिकेडिंग की और सुरक्षा घेरा मजबूत किया।

जिलाधिकारी को ज्ञापन देने की मांग और वार्ता

पुलिस ने कार्यकर्ताओं को काफी देर तक समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे सीधे जिलाधिकारी को ज्ञापन देने की मांग पर अड़े रहे। स्थिति को संभालने के लिए संगठन के जिलाध्यक्ष को मौके पर बुलाया गया। जिलाध्यक्ष और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच वार्ता का दौर जारी रहा, जिसके बाद संगठन के पदाधिकारियों ने मीडिया के सामने भी अपनी बात रखी।

Location :  Mirzapur

Published :  25 July 2026, 4:50 PM IST

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