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महराजगंज के बृजमनगंज ब्लॉक स्थित ग्राम सभा परासखाड़ में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण के दौरान सैकड़ों ग्रामीणों के नाम कटने से हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने बीएलओ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों में आक्रोश
Maharajganj: बृजमनगंज ब्लॉक के ग्राम सभा परासखाड़ में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम के दौरान बड़ी लापरवाही सामने आई है। पुनरीक्षण प्रक्रिया के बीच ही सैकड़ों ग्रामीणों के नाम मतदाता सूची से कट जाने की जानकारी सामने आते ही पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। अचानक नाम गायब होने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
ग्रामीणों का कहना है कि वे वर्षों से नियमित रूप से मतदान करते आ रहे हैं। इसके बावजूद बिना किसी पूर्व सूचना और स्पष्ट कारण के उनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। कई ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने बीएलओ के माध्यम से समय रहते सभी आवश्यक दस्तावेज भी जमा किए थे, फिर भी उनका नाम सूची में नहीं दिख रहा है।
ग्रामीणों ने स्थानीय बीएलओ आभा शुक्ला पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यदि बीएलओ द्वारा समय रहते सक्रियता और सतर्कता बरती जाती तो इतनी बड़ी संख्या में नाम नहीं कटते। नाम कटने की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण बीएलओ, आंगनबाड़ी केंद्र बृजमनगंज और संबंधित कार्यालयों में पहुंच गए और अपनी नाराजगी जाहिर की।
ग्रामीणों का आरोप है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही और मनमानी की गई है, जिसका सीधा असर आम नागरिकों के संवैधानिक मतदान अधिकार पर पड़ा है। लोगों ने आशंका जताई कि यदि समय रहते उनके नाम दोबारा नहीं जोड़े गए तो आगामी चुनाव में सैकड़ों मतदाता अपने मताधिकार से वंचित हो सकते हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए निष्पक्ष जांच कराई जाए, नाम कटने के वास्तविक कारणों को सार्वजनिक किया जाए और सभी पात्र मतदाताओं के नाम बिना देरी पुनः मतदाता सूची में शामिल किए जाएं।
वहीं, मामले को लेकर जब संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया गया तो उनका कहना था कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण अभी जारी है। शिकायत मिलने पर नाम जोड़ने की प्रक्रिया की जा रही है। हालांकि, अधिकारी के इस जवाब से ग्रामीण संतुष्ट नहीं दिखे और जल्द से जल्द ठोस समाधान की मांग पर अड़े रहे।
दूसरी ओर बीएलओ की ओर से सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा गया कि जिन मतदाताओं के नाम कटे हैं। उन्होंने समय पर उपयुक्त दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए, जिसके चलते नियमानुसार नाम सूची से हटाए गए हैं।