जंगली जानवरों से तबाह फसलें, महराजगंज के किसानों की गुहार पहुंची हाईकोर्ट, सरकार से सुरक्षा इंतजाम के आदेश

महराजगंज जिले के जंगल से सटे दर्जनों गांवों में जंगली व हिंसक जानवरों से किसानों की फसल और ग्रामीणों की जान-माल को हो रहे नुकसान के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई है। कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए राज्य सरकार को अगली सुनवाई से पहले आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया है।

महराजगंज: किसानों की फसलों को जंगली जानवरों से बचाने तथा हिंसक वन्य जीवों से ग्रामीणों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित कराने के लिए इलाहाबाद उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया गया है। महराजगंज जिले के ग्राम बागापार निवासी उमेश चन्द मिश्र द्वारा अधिवक्ता गौरव शरण श्रीवास्तव के माध्यम से जनहित याचिका (PIL) दाखिल की गई है।

क्या है पूरी खबर?

याचिका में कहा गया है कि जंगल से सटे क्षेत्रों में रहने वाले किसान लंबे समय से जंगली जानवरों की समस्या से जूझ रहे हैं। नीलगाय, जंगली सूअर, हिरण एवं अन्य वन्य जीव रात के समय खेतों में घुसकर तैयार फसलों को पूरी तरह नष्ट कर देते हैं। कई स्थानों पर हिंसक जानवरों की आवाजाही से ग्रामीणों की जान पर भी खतरा बना रहता है।

सुरक्षा प्रबंध कराए जाने की मांग 

याचिकाकर्ता ने जंगल के किनारे तार बाड़, लकड़ी की बैरिकेटिंग अथवा अन्य वैकल्पिक सुरक्षा प्रबंध कराए जाने की मांग की है, ताकि किसानों की मेहनत की फसल और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही यह भी बताया गया कि जिलाधिकारी महराजगंज, वन विभाग के अधिकारियों, सचिव वन विभाग उत्तर प्रदेश एवं मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को कई बार शिकायती प्रार्थना पत्र दिए गए, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

 विभागीय अधिकारियों को पक्षकार बनाया 

यह जनहित याचिका 25 जनवरी 2026 को इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल की गई, जिसमें प्रतिवादी के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार सहित पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, जिला मजिस्ट्रेट, क्षेत्रीय वन अधिकारी पकड़ी रेंज एवं सोहगी बरवां वन्य जीव प्रभाग के विभागीय अधिकारियों को पक्षकार बनाया गया है।

 किसानों को सबसे अधिक नुकसान

याचिका में महराजगंज के विकास खण्ड व तहसील सदर अंतर्गत बागापार, चेहरी, रसूलपुर अमहवा, पकड़ी, अहमद नगर, बड़हरा रानी, जंगल फरजन्दअली, कटहरा, बेलवा काजी, विजयपुर, बरगदवा राजा, जगपुर उर्फ सलामतगढ़, औरहवा, केवलापुर, परासखाड़, बरवा राजा सहित कई गांवों का उल्लेख किया गया है, जहां किसानों को सबसे अधिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।

वर्षों पुरानी समस्या का समाधान

मामले की सुनवाई 29 जनवरी 2026 को माननीय न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेन्द्र एवं मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली की पीठ के समक्ष हुई। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से अधिवक्ता मीनक्षी सिंह ने समय की मांग की, जिस पर न्यायालय ने 19 मार्च 2026 की अगली तिथि से पूर्व आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश पारित किए।इस आदेश के बाद प्रभावित किसानों और ग्रामीणों में उम्मीद जगी है कि अब उनकी वर्षों पुरानी समस्या का समाधान निकल सकेगा।

 

Location : 
  • Maharajganj

Published : 
  • 3 February 2026, 5:50 PM IST

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