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कौशांबी में जिलाधिकारी डॉ अमित पाल ने नगर पंचायत और विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा की। निरीक्षण में खामियां सामने आने के बाद सुधार और कार्रवाई के निर्देश दिए गए, जिससे प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है।
कौशांबी में डीएम डॉ अमित पाल का एक्शन मोड
Kaushambi: कौशांबी के जिलाधिकारी डॉ अमित पाल ने मंगलवार को नगर पंचायत करारी कार्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्यालय में अभिलेखों की स्थिति, साफ-सफाई व्यवस्था और शिकायत निस्तारण प्रक्रिया का बारीकी से जायजा लिया गया। जिलाधिकारी ने शिकायत पंजिका का अवलोकन किया, जिसमें कई गंभीर खामियां सामने आईं।
निरीक्षण के दौरान शिकायत पंजिका में शिकायतकर्ताओं का मोबाइल नंबर दर्ज न होना, पंजिका का अधूरा होना एवं सत्यापन न किया जाना पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए अधिशासी अधिकारी से स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट किया कि शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता और जवाबदेही अनिवार्य है।
जिलाधिकारी ने कार्यालय परिसर में साफ-सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने तथा अभिलेखों का सुव्यवस्थित रख-रखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत स्तर पर कार्यप्रणाली में सुधार से आम जनता को सीधा लाभ मिलेगा।
शिकायत पंजिका में लापरवाही पर अधिशासी अधिकारी से मांगा गया स्पष्टीकरण
इसके बाद जिलाधिकारी ने एन.आई.सी. सभागार में जल निगम, सिंचाई एवं नलकूप विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में जल-जीवन मिशन के तहत चल रहे कार्यों की प्रगति पर चर्चा की गई।
अधिशासी अभियंता जल निगम ने बताया कि 353 ट्यूबवेल के लक्ष्य के सापेक्ष 348 की प्रगति हुई है। वहीं 309 ओवरहेड टैंक के लक्ष्य के मुकाबले 223 का निर्माण पूरा हुआ है। 218263 गृह संयोजन के लक्ष्य के सापेक्ष 203576 गृह संयोजन तथा 4042 किमी पाइपलाइन के लक्ष्य के सापेक्ष 3507 किमी पाइपलाइन बिछाने का कार्य पूरा किया गया है।
ओवरहेड टैंक निर्माण, पाइपलाइन बिछाने और सड़क मरम्मत कार्यों में अपेक्षित प्रगति न होने पर जिलाधिकारी ने फर्म जे.एम.सी. एवं बाबा जी.ए. इन्फ्रास्ट्रक्चर पर नाराजगी जताई। विशेष रूप से बाबा जी.ए. इन्फ्रास्ट्रक्चर की धीमी प्रगति पर अधिशासी अभियंता को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
कई विभाग आए जांच के दायरे में
डीएम ने पाइपलाइन बिछाने के दौरान तोड़ी गई सड़कों की मरम्मत प्राथमिकता पर कराने के निर्देश दिए। नलकूप विभाग की समीक्षा में यांत्रिक और विद्युत दोष से बंद नलकूपों को शीघ्र क्रियाशील करने के निर्देश दिए गए।
सिंचाई विभाग की समीक्षा में जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि यह सुनिश्चित किया जाए कि नहरों में अंतिम छोर तक पानी पहुंचे, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए परेशानी न हो। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विनोद राम त्रिपाठी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।