हिंदी
खजनी तहसील में हड़ताल (IMG: Dynamite News)
Gorakhpur: गोरखपुर की खजनी तहसील में शनिवार को उस वक्त माहौल गरमा गया, जब बड़ी संख्या में लेखपालों ने कामकाज छोड़कर तहसील परिसर में धरना शुरू कर दिया। अयोध्या में एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई को लेकर लेखपालों में नाराजगी है। प्रदर्शन के दौरान लेखपालों ने नारेबाजी कर कार्रवाई के तरीके पर सवाल उठाए और अपने साथी को कथित तौर पर फर्जी मामले में फंसाने का आरोप लगाया।
धरने में लेखपाल संघ के पदाधिकारियों ने अयोध्या में लेखपाल अंकुर गिरी के खिलाफ हुई कार्रवाई का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। संघ अध्यक्ष हर्षित सिंह ने आरोप लगाया कि एंटी करप्शन टीम ने षड्यंत्र के तहत लेखपाल को फंसाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि लेखपाल अपने सरकारी दायित्वों का निर्वहन करते हुए राजस्व से जुड़े कई महत्वपूर्ण काम करते हैं। ऐसे में किसी शिकायत के आधार पर सीधे कार्रवाई किए जाने से पहले पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
लेखपाल संघ के पूर्व अध्यक्ष अश्वनी सिंह ने भी प्रदर्शन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि लेखपाल राजस्व विभाग की जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। गांवों में जमीन, राजस्व और अन्य प्रशासनिक मामलों से जुड़े कामों में लेखपालों की भूमिका काफी अहम होती है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने और राजस्व संबंधी कार्यों को पूरा कराने में लेखपाल लगातार काम करते हैं। ऐसे में कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पारदर्शिता और उचित प्रक्रिया का पालन होना जरूरी है।
Gorakhpur News: रात में क्या हुआ? सुबह छत पर खून से लथपथ मिला युवक का शव, सिर पर मिले चोट के निशान
धरने के दौरान लेखपालों ने कहा कि अगर किसी कर्मचारी के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत मिलती है तो उसकी जांच होनी चाहिए। जांच में अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो कानून के मुताबिक कार्रवाई की जा सकती है। लेकिन प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कई बार शिकायतों की पूरी जांच किए बिना ही कर्मचारियों को कार्रवाई का सामना करना पड़ता है। उनका कहना है कि इससे कर्मचारियों में डर और असंतोष का माहौल बनता है।
प्रदर्शन के दौरान कौटिल्य दुबे समेत कई अन्य लेखपाल भी मौजूद रहे। लेखपालों ने एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई के विरोध में नारेबाजी की और संगठन की एकजुटता का संदेश दिया। वक्ताओं ने कहा कि किसी भी कर्मचारी को केवल आरोपों के आधार पर परेशान नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर जांच में किसी लेखपाल की गलती सामने आती है तो संगठन कानून के रास्ते में नहीं आएगा, लेकिन कथित फर्जी कार्रवाई के खिलाफ कर्मचारियों की आवाज जरूर उठाई जाएगी।
हैवानियत की हदें पार, फिर खून से रचा कत्ल का खौफनाक खेल! जब खुला दरिंदगी का राज, तो दहल उठा गोरखपुर
लेखपालों की एक दिवसीय हड़ताल का असर खजनी तहसील के कामकाज पर भी पड़ा। लेखपालों से जुड़े कई राजस्व कार्य प्रभावित रहे। तहसील पहुंचने वाले लोगों को भी काम के लिए इंतजार करना पड़ा। लेखपालों का कहना है कि हड़ताल के जरिए उन्होंने सरकार और प्रशासन तक अपनी नाराजगी पहुंचाने की कोशिश की है। संगठन का दावा है कि यह विरोध किसी व्यवस्था के खिलाफ नहीं बल्कि कर्मचारियों के कथित उत्पीड़न के खिलाफ है।
धरने के दौरान लेखपाल संघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि अगर कर्मचारियों के कथित उत्पीड़न पर रोक नहीं लगी और अयोध्या प्रकरण में निष्पक्ष जांच कर न्याय नहीं मिला तो संगठन आगे आंदोलन को और तेज करने पर विचार करेगा। लेखपालों का कहना है कि वे चाहते हैं कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और किसी निर्दोष कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई न हो। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के वास्तविक मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
Location : Gorakhpur
Published : 22 August 2026, 1:56 PM IST