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जिलाधिकारी दीपक मीणा (IMG: Dynamite News)
Gorakhpur: गोरखपुर में चीनी की किल्लत की अफवाहों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। सोशल मीडिया पर चीनी की कमी और आने वाले दिनों में दाम बढ़ने जैसी चर्चाओं के बीच जिला प्रशासन ने लोगों से घबराकर खरीदारी न करने की अपील की है। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने साफ किया है कि जिले में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता है। फिलहाल ऐसी कोई स्थिति नहीं है, जिससे लोगों को अतिरिक्त मात्रा में चीनी खरीदकर घरों में रखने की जरूरत पड़े।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिले में चीनी की आपूर्ति और उपलब्धता पर प्रशासन लगातार नजर रख रहा है। मौजूदा समय में चीनी की किसी तरह की कमी नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अफवाहों के आधार पर बाजार में अचानक खरीदारी बढ़ाने से बचें। अगर किसी व्यक्ति को चीनी की उपलब्धता या कीमत को लेकर कोई जानकारी मिलती है तो पहले उसकी पुष्टि अधिकृत माध्यम से की जाए।
चीनी की उपलब्धता पर निगरानी मजबूत करने के लिए जिला प्रशासन ने जिले के सभी थोक चीनी व्यापारियों को भी निर्देश जारी किए हैं। व्यापारियों से कहा गया है कि भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के फूड स्टॉक पोर्टल पर उनके पास मौजूद चीनी के वास्तविक स्टॉक का विवरण तत्काल घोषित किया जाए।
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प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अब थोक व्यापारियों के प्रतिष्ठानों पर आकस्मिक जांच कराई जाएगी। जांच के दौरान स्टॉक का वास्तविक आंकड़ा और व्यापारी की ओर से घोषित जानकारी का मिलान किया जा सकता है। अगर किसी व्यापारी के यहां जरूरत से ज्यादा चीनी का स्टॉक पाया जाता है या स्टॉक से जुड़ी जानकारी छिपाने की कोशिश सामने आती है तो प्रशासन कार्रवाई करेगा।
प्रशासन ने व्यापारियों को सीधे तौर पर चेतावनी दी है कि चीनी की जमाखोरी या कालाबाजारी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर जांच के दौरान किसी व्यापारी या व्यक्ति द्वारा चीनी की जमाखोरी, कालाबाजारी अथवा निर्धारित नियमों के विपरीत स्टॉक रखने की पुष्टि होती है तो उसके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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सिर्फ जमाखोरी ही नहीं, बल्कि स्टॉक से जुड़ी जानकारी गलत दर्ज करने या वास्तविक स्टॉक छिपाने वाले व्यापारियों पर भी प्रशासन की नजर रहेगी। व्यापारियों को निर्देश दिया गया है कि फूड स्टॉक पोर्टल पर उपलब्ध स्टॉक की सही जानकारी दर्ज करें। अगर जांच में घोषित स्टॉक और वास्तविक स्टॉक में अंतर पाया जाता है तो संबंधित व्यापारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
प्रशासन की अपील का सीधा असर आम उपभोक्ताओं से जुड़ा है। अगर लोग सोशल मीडिया पर वायरल हो रही किसी पोस्ट या मैसेज के आधार पर जरूरत से ज्यादा चीनी खरीदने लगते हैं तो बाजार में मांग अचानक बढ़ सकती है। ऐसी स्थिति में वास्तविक कमी न होने के बावजूद बाजार में अस्थायी दबाव पैदा हो सकता है। इसके बाद जमाखोरी करने वाले लोगों को भी फायदा उठाने का मौका मिल सकता है।
Location : Gorakhpur
Published : 21 August 2026, 8:49 PM IST