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खाद्य सुरक्षा विभाग ने मारा छापा (Image: Dynamite News)
Deoghar: देवघर में श्रावणी मेला चल रहा है और इसी के साथ खाद्य सुरक्षा विभाग का अभियान भी तेज हो गया है। गुरुवार को विभाग की टीम ने खिजुरिया, कलकतिया धर्मशाला और रिखिया इलाके में होटल, भोजनालय, मिठाई की दुकानों, किराना स्टोर और ठेला-खोमचा समेत 40 प्रतिष्ठानों की जांच की। जांच के दौरान करीब 33 किलो खाद्य सामग्री ऐसी मिली, जिसे मिलावटी, असुरक्षित या निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया। इसके बाद टीम ने मौके पर ही इन खाद्य पदार्थों को नष्ट करा दिया।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने खिजुरिया से कलकतिया धर्मशाला क्षेत्र तक करीब 28 प्रतिष्ठानों की जांच की। बाबा दरबार होटल, मिथलांचल होटल, यादव होटल, कृष्णा यादव होटल, गणेश होटल, मंडल जी होटल और बाबा गुरुदेव शुद्ध भोजनालय समेत कई दुकानों में खाद्य सामग्री की जांच की गई। जांच के दौरान आयुष पियूष होटल और कृष्णा यादव होटल में मिलावटी हल्दी मिलने की बात सामने आई। इसे मौके पर ही नष्ट करा दिया गया।
रिखिया इलाके में भी विभाग की कार्रवाई के दौरान कई खाद्य पदार्थ मानकों पर खरे नहीं उतरे। मुरारी राउत नाश्ता दुकान से अखाद्य रंग मिला एक किलो घुंघनी नष्ट कराई गई। मां गायत्री स्वीट्स से एक किलो पकौड़ा, मनोज किराना स्टोर से सात किलो लड्डू, बबलू तूरी के होटल से दो किलो सब्जी और बचन चाट स्टॉल से 10 किलो छोला नष्ट कराया गया। इन सभी मामलों को मिलाकर करीब 33 किलो खाद्य सामग्री कार्रवाई की जद में आई।
ताजा कार्रवाई को अकेले देखने के बजाय पिछले कुछ दिनों के आंकड़ों के साथ देखें तो तस्वीर और गंभीर हो जाती है। 12 अगस्त को हुई कार्रवाई के दौरान करीब 68.5 किलो पेड़ा और 11 किलो छोला नष्ट कराया गया था। जांच में पेड़ा में स्टार्च और छोला में मेटानिल येलो जैसे अखाद्य रंग की मौजूदगी की बात सामने आई थी। इसी अभियान में बिना लाइसेंस संचालित एक फैक्ट्री का संचालन भी बंद कराया गया था। इसके बाद 16 अगस्त को आरआर बक्शी रोड, भोला पंडा पथ, सरदार पंडा लेन और मंदिर क्षेत्र में 27 होटल, रेस्टोरेंट और पेड़ा दुकानों की जांच की गई। यहां करीब 22 किलो पेड़ा में स्टार्च की मिलावट मिलने पर उसे नष्ट कराया गया।
इन तमाम कार्रवाइयों के बीच घोरमारा का मामला सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक वहां करीब 1060 किलो संदिग्ध या मिलावटी पेड़ा मिलने के बाद उसे जेसीबी से गड्ढा खोदकर नष्ट कराया गया था। 1060 किलो किसी एक छोटी दुकान में मिलने वाली सामान्य मात्रा नहीं है। इतनी बड़ी मात्रा में संदिग्ध खाद्य सामग्री का सामने आना यह सवाल खड़ा करता है कि खाद्य कारोबार में निगरानी कितनी प्रभावी है।
मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई होनी ही चाहिए। खराब और असुरक्षित खाद्य सामग्री को बाजार में बिकने से रोकना सीधे तौर पर लोगों की सेहत से जुड़ा मामला है। श्रावणी मेला के दौरान देवघर में लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। होटल, भोजनालय, मिठाई की दुकानों और चाट-नाश्ते के ठेलों पर कारोबार कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे समय खाद्य सुरक्षा विभाग की सक्रियता जरूरी है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या खाद्य सुरक्षा विभाग की यही सक्रियता सालभर देखने को मिलती है?
यही इस पूरे मामले का सबसे बड़ा सवाल है। अगर विभाग श्रावणी मेला खत्म होने के बाद भी इसी तरह लगातार कार्रवाई करता है तो निश्चित तौर पर इसका असर खाद्य कारोबारियों पर पड़ेगा। दुकानदारों में यह संदेश जाएगा कि नियमों की अनदेखी किसी भी समय भारी पड़ सकती है। लेकिन अगर सावन खत्म होते ही जांच अभियान भी धीमा पड़ गया तो सवाल फिर वहीं लौट आएगा कि क्या खाद्य सुरक्षा विभाग भी सिर्फ मेले के दौरान ही सक्रिय होता है?
ताजा कार्रवाई के दौरान विभाग ने दुकानदारों को रेट चार्ट लगाने और निर्धारित दर के अनुसार खाद्य सामग्री बेचने का निर्देश भी दिया है। यह कदम इसलिए भी अहम है क्योंकि श्रावणी मेला में बाहर से आने वाले श्रद्धालु कई बार स्थानीय बाजार की दरों से परिचित नहीं होते। उन्हें भोजन और दूसरी खाद्य सामग्री के लिए निर्धारित दर से ज्यादा भुगतान न करना पड़े, इसकी निगरानी भी जरूरी है।
इस पूरे मामले को लेकर ACMO डॉ. रमेश कुमार से भी बात की गई। विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया कि खाद्य सुरक्षा को लेकर जांच अभियान जारी है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। विभाग का यह रुख साफ है कि मिलावट, अखाद्य रंग और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
घोरमारा में करीब 1060 किलो संदिग्ध पेड़ा, 12 अगस्त को 68.5 किलो पेड़ा और 11 किलो छोला, 16 अगस्त को करीब 22 किलो पेड़ा और अब 33 किलो अलग-अलग खाद्य सामग्री का नष्ट होना सामान्य आंकड़ा नहीं है। इन सभी कार्रवाइयों को एक साथ देखने पर साफ है कि खाद्य सुरक्षा को लेकर लगातार निगरानी की जरूरत है।
Location : Deoghar
Published : 21 August 2026, 9:30 PM IST