बदायूं में फाइनेंस रिकवरी के नाम पर गुंडागर्दी, युवक से बाइक छीनी

Budaun News: बदायूं के बिसौली में फाइनेंस रिकवरी के नाम पर युवक से बाइक छीनने और 6 हजार रुपये की मांग का आरोप लगा है। पीड़ित ने थाने में सुनवाई न होने पर जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 18 April 2026, 4:49 PM IST
google-preferred

Budaun: जिले के बिसौली नगर से एक ऐसा मामला सामने आया है। जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। फाइनेंस रिकवरी (Finance Recovery) के नाम पर दबंगई और लूट का आरोप लगने के बाद लोग हैरान हैं कि आखिर कानून के नाम पर इस तरह की मनमानी कैसे चल रही है। पीड़ित का आरोप है कि उसकी बाइक भी छीन ली गई, वो भी तब जब वह अपनी अधिकतर किस्तें चुका चुका था।

क्या है पूरा मामला

बिसौली नगर निवासी युवक ने बताया कि उसने कुछ समय पहले स्प्लेंडर बाइक फाइनेंस पर खरीदी थी। उसने 24 किस्तों में से अधिकतर किस्तें समय पर जमा कर दी थीं और केवल कुछ ही किस्तें बाकी थीं। इसी बीच 23 फरवरी को तीन लोग उसके पास पहुंचे और खुद को फाइनेंस कंपनी का रिकवरी एजेंट बताया।

धमकी देकर मांगे पैसे

पीड़ित के अनुसार, आरोपियों ने उससे कहा कि उसकी किस्तें पूरी नहीं हुई हैं और बाइक एजेंसी में जमा करनी होगी। इसके बाद उन्होंने 6 हजार रुपये की मांग की और साफ कहा कि अगर बाइक वापस चाहिए तो पैसे देने होंगे। जब पीड़ित ने पैसे देने से इनकार किया और किस्तों की जानकारी मांगी, तो आरोपियों ने दबाव बनाना शुरू कर दिया।

2 शादी और 6 बच्चे…फिर भी जिंदगी में नहीं मिला सुकून, अब फांसी लगाकर छोड़ दी दुनिया, पढ़ें बदायूं का दिल दहलाने वाला मामला

बाइक छीनकर फरार हुए आरोपी

आरोप है कि बहस बढ़ने पर तीनों ने मिलकर उसकी स्प्लेंडर बाइक जबरन छीन ली और मौके से फरार हो गए। घटना के बाद पीड़ित पूरी तरह से परेशान हो गया और तुरंत थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन वहां उसे कोई राहत नहीं मिली।

पुलिस पर लापरवाही का आरोप

पीड़ित का कहना है कि थाने में शिकायत देने के बावजूद न तो कोई मुकदमा दर्ज हुआ और न ही कोई कार्रवाई की गई। इससे परेशान होकर वह शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचा और जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई।

फर्जी रिकवरी एजेंटों पर सवाल

पीड़ित ने दावा किया है कि जो लोग बाइक लेने आए थे, उनका किसी भी फाइनेंस कंपनी से कोई आधिकारिक संबंध नहीं था। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिसौली क्षेत्र में इस तरह के फर्जी रिकवरी एजेंटों की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं, जिससे लोगों में डर का माहौल है।

RBI नियमों का उल्लंघन

जानकारों के अनुसार भारतीय रिजर्व बैंक की गाइडलाइन साफ कहती है कि कोई भी रिकवरी एजेंट बिना नोटिस, पहचान पत्र और अधिकृत आदेश के वाहन जब्त नहीं कर सकता। ऐसे में जबरन बाइक छीनना पूरी तरह गैरकानूनी माना जाता है और इसे लूट की श्रेणी में रखा जा सकता है।

प्रशासन से कार्रवाई की मांग

पीड़ित ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ लूट और धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर तुरंत गिरफ्तारी की जाए। साथ ही उसकी बाइक वापस दिलाई जाए ताकि उसे न्याय मिल सके।

Location :  Budaun

Published :  18 April 2026, 4:49 PM IST

Advertisement