हिंदी
तरैना-कचनी नालों की खुदाई का मुद्दा सदन में गूंजा
गोरखपुर: विधायक राजेश त्रिपाठी ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश विधान सभा में अपने क्षेत्र की जलनिकासी और बाढ़ सुरक्षा से जुड़ा बड़ा मुद्दा उठाते हुए तरैना नाला, कचनी नाला, कवितापुर नाला और भुतहा नाला सहित कई छोटे-बड़े नालों की गहरी खुदाई और आपस में जोड़ने की मांग रखी। विधायक ने सदन में कहा कि बरसात के मौसम में ये नाले विकराल रूप ले लेते हैं, जिससे किसानों की फसलें और गांव दोनों खतरे में पड़ जाते हैं।
क्या है पूरी खबर?
विधायक ने एक निजी याचिका के माध्यम से सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि यदि इन नालों की वैज्ञानिक तरीके से खुदाई कर गहराई बढ़ाई जाए, तो क्षेत्र में जलभराव की समस्या काफी हद तक खत्म हो सकती है। साथ ही तरैना नाले और कवितापुर नाले पर रेगुलेटर बनाए जाने की जरूरत बताई गई, जिससे राप्ती नदी का बाढ़ का पानी वापस नालों में न घुसे और गर्मी के मौसम में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी सुरक्षित रखा जा सके।
हर साल होने वाले नुकसान
उन्होंने सदन में यह भी कहा कि जल प्रबंधन की समुचित व्यवस्था होने से न केवल किसानों को राहत मिलेगी, बल्कि ग्रामीण इलाकों में हर साल होने वाले नुकसान पर भी रोक लग सकेगी। विधायक के मुताबिक, लगातार बढ़ती बाढ़ और जलनिकासी की समस्या अब सिर्फ स्थानीय मुद्दा नहीं, बल्कि बड़े स्तर पर विकास से जुड़ा सवाल बन चुकी है।
खुदाई और पक्का नाला निर्माण की मांग
इसी क्रम में नियम 301 के तहत एक और अहम मामला उठाते हुए विधायक ने बताया कि उरुवा नगर पंचायत क्षेत्र से गुजरने वाला कचनी नाला कई स्थानों पर पट चुका है, जिससे पानी की निकासी बाधित हो रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों और किसानों ने कई बार इस नाले की खुदाई और पक्का नाला निर्माण की मांग को लेकर आंदोलन भी किया है, ऐसे में इसकी पूरी खुदाई कराकर नगर पंचायत सीमा तक पक्का निर्माण कराया जाना जनहित में जरूरी है।
सरकार को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश
विधायक ने बताया कि दोनों प्रस्तावों को विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने स्वीकार करते हुए सरकार को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। विधानसभा की नियमावली में विभिन्न जनहित मामलों को नियमों के तहत उठाने की व्यवस्था भी है, जिसके जरिए क्षेत्रीय समस्याएं सीधे सरकार तक पहुंचाई जाती हैं।
स्थानीय किसानों और ग्रामीणों में इस मांग को लेकर उम्मीद जगी है कि यदि सरकार स्तर पर जल्द कार्यवाही होती है, तो चिल्लूपार क्षेत्र में बाढ़, जलभराव और सिंचाई संकट जैसी पुरानी समस्याओं का स्थायी समाधान निकल सकता है। फिलहाल अब नजर इस बात पर है कि सदन में उठी यह मांग जमीन पर कब और कैसे उतरती है।
Location : गोरखपुर
Published : 18 February 2026, 10:21 AM IST
Topics : Gorakhpur News Latest News mla UP News