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गोरखपुर पुलिस ने चेन स्नेचिंग और चोरी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसमें 36 महिलाएं और 4 पुरुष शामिल हैं। ये गैंग महिलाओं और बुजुर्गों को टारगेट कर चेन स्नेचिंग और लूटपाट करता था। पुलिस ने गिरोह के सरगना विष्णु सहित सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
घूंघट की आड़ में 36 महिलाएं करती थी कांड
Gorakhpur: गोरखपुर पुलिस ने कैंट और रामगढ़ताल थानों की संयुक्त कार्रवाई में एक चेन स्नेचिंग और चोरी करने वाले गैंग का पर्दाफाश किया है, जिसमें ज्यादातर महिलाएं शामिल हैं। ये महिलाएं और उनके पुरुष साथी एक ही कुनबे से संबंधित हैं और इस गैंग की गतिविधियां गोरखपुर के अलावा आसपास के कई जिलों में फैल चुकी थीं। शुक्रवार को पुलिस ने कुल 36 महिलाओं, 4 पुरुषों और एक किशोरी को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह ने पिछले कुछ वर्षों में चेन स्नेचिंग और लूट की कई वारदातों को अंजाम दिया था।
पुलिस की जांच में यह बात सामने आई कि इस गैंग का सरगना गोला थाना क्षेत्र के कोहरा बुजुर्ग निवासी विष्णु है। विष्णु ने इन महिलाओं को लूटपाट और चेन स्नेचिंग की ट्रेनिंग दी थी। इसके अलावा, गिरोह की महिलाएं अलग-अलग जिलों में ट्रेनिंग लेने के बाद एकत्र हुई थीं और फिर सभी को कार से लेकर भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर जाकर चोरी और स्नेचिंग करने की योजना बनाते थे।
इन महिलाओं की रणनीति बहुत चालाकी से तैयार की गई थी। वे किसी भी भीड़-भाड़ वाले स्थान पर जाती थीं और वहां अपने समूह में बंट जाती थीं। ऑटो में बैठने के दौरान, वे घूंघट का इस्तेमाल करती थीं ताकि उनका पहचान पाना मुश्किल हो। इसके बाद, वे महिलाओं को पिन चुभाकर, नकली सांप या छिपकली फेंक कर डराती थीं और इस दौरान वे उनकी जूलरी उड़ा ले जाती थीं। इनकी यह तरकीब इतनी शातिर थी कि कोई भी इनपर शक नहीं करता था।
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यह गिरोह सिर्फ गोरखपुर में ही सक्रिय नहीं था, बल्कि इसके सदस्य आसपास के कई जिलों में भी वारदातें करते थे। मऊ, जौनपुर, सिद्धार्थनगर, बलिया, कुशीनगर और देवरिया जैसे जिलों में इन महिलाओं और उनके साथियों ने कई वारदातों को अंजाम दिया था। जानकारी के अनुसार, इन महिलाओं के बीच अपराध की आदत कई साल पहले शुरू हुई थी, जब ये अलग-अलग जिलों में छोटी-छोटी चोरी की वारदातें करती थीं। बाद में इनकी मुलाकात विष्णु से हुई और उसने उन्हें एक साथ लूटपाट करने की योजना बनाई।
गिरोह के सदस्य और उनके परिवार आपस में जुड़े हुए थे और विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले लोग एक-दूसरे के साथ घुलमिल कर अपराध में शामिल हो गए थे। वे पहले गहनों और पैसे के लिए शिकार तलाशते थे, खासकर बुजुर्ग और अकेली महिलाओं को। उनका तरीका बहुत ही शातिर था। वे महिलाएं बातों में उलझाकर उन्हें अपनी कार में बिठा लेती थीं और फिर डराने-धमकाने के बाद उनका गहना लूट लेती थीं। कई बार इस गैंग ने गिरोह के अन्य सदस्यों से मिलकर शहरों में चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया।
पुलिस ने शुक्रवार को इस गिरोह के मुख्य आरोपी विष्णु और उसकी पत्नी सहित अन्य 36 महिलाओं और 4 पुरुषों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में विभिन्न जिलों से लोग शामिल थे, जैसे कि मऊ, बलिया, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर, देवरिया और कुशीनगर। इनके पास से चोरी की गईं चेन और अन्य गहने भी बरामद किए गए हैं। पुलिस अब गिरोह के सभी सदस्यों के आपराधिक इतिहास की जांच कर रही है और जो लोग इस गिरोह से जुड़े हुए हैं, उन्हें जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा। गिरोह के अन्य गुर्गों की तलाश भी जारी है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इस अपराध के पूरे नेटवर्क को खत्म किया जा सके।
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इस गिरोह में ज्यादातर महिलाएं 20 से 50 साल की उम्र की हैं और इनका सामान्य हुलिया होने की वजह से इन्हें पहचान पाना काफी मुश्किल था। ये महिलाएं आमतौर पर भीड़-भाड़ वाली जगहों पर सक्रिय रहती थीं और उनका उद्देश्य सिर्फ चेन स्नेचिंग और लूटपाट करना होता था। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह का नेटवर्क पिछले चार से पांच वर्षों में लगातार फैलता गया और अब तक कई जिलो में इसने अपनी गतिविधियाँ की हैं।
पुलिस ने गिरोह की पूरी संरचना को समझने के बाद अब अगले कदम के तौर पर उनके अन्य साथियों और मददगारों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि वे इस गिरोह के शेष सदस्यों को भी पकड़ने के लिए जल्द ही एक व्यापक अभियान चलाएंगे।