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गोरखपुर में वायरल वीडियो ने फैलाई सनसनी
Gorakhpur: सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक युवती के कार से कथित अपहरण की सूचना की जांच में गोरखपुर पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया कि यह अपहरण का मामला नहीं था, बल्कि कार में मौजूद महिला की तबीयत अचानक खराब हो जाने के कारण उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा था।
गलतफहमी के चलते पीछे चल रहे एक वाहन सवार ने घटना को अपहरण समझ लिया और इसकी सूचना सोशल मीडिया पर प्रसारित हो गई।
पुलिस के अनुसार, 26 जुलाई 2026 को सोशल मीडिया के माध्यम से थाना कैंट पुलिस को सूचना मिली कि एक युवती का कार में अपहरण कर ले जाया जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए थाना कैंट पुलिस ने तत्काल मामले की जांच शुरू की और संबंधित वाहन की पहचान कर उसके स्वामी तक पहुंची।
जांच में पता चला कि संबंधित कार जनपद मैनपुरी निवासी एक व्यक्ति की है, जो अपने परिवार के साथ कुशीनगर घूमने आया था। भ्रमण के बाद परिवार वापस लौट रहा था। इसी दौरान वाहन में सवार उसकी पत्नी की अचानक तबीयत बिगड़ गई और वह दर्द से कराहने लगी। महिला की हालत देखकर चालक सीधे गोरखपुर में इलाज के लिए अस्पताल पहुंचा, जहां चिकित्सकीय परामर्श के बाद उपचार कराया गया।
पुलिस ने बताया कि पीछे चल रहे किसी वाहन चालक ने महिला की दर्द भरी आवाज और कार की स्थिति को देखकर यह अंदाजा लगा लिया कि किसी युवती का अपहरण किया जा रहा है। इसी गलतफहमी के कारण सोशल मीडिया पर अपहरण की सूचना वायरल हो गई।
जांच के दौरान यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया कि मामला अपहरण का नहीं, बल्कि एक बीमार महिला को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले जाने का था। इलाज के बाद महिला की हालत सामान्य होने पर परिवार सकुशल अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गया।
क्षेत्राधिकारी कैंट ने वीडियो बयान जारी कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए लोगों से अपील की है कि किसी भी सूचना को बिना सत्यापन के सोशल मीडिया पर साझा न करें।
उन्होंने कहा कि अफवाहें फैलाने से अनावश्यक भ्रम और दहशत का माहौल बनता है। यदि किसी संदिग्ध घटना की जानकारी मिले तो उसे वायरल करने के बजाय तत्काल पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते सही कार्रवाई की जा सके।
Location : Gorakhpur
Published : 27 July 2026, 10:48 PM IST