Gorakhpur: लोन दिलाने के नाम पर खुलवाते थे म्यूल खाता, युवाओं को ऐसे फंसाते थे अपने जाल में

साइबर ठगी और अवैध बैंकिंग लेनदेन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत चिलुआताल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए म्यूल खाते खुलवाकर अवैध धनराशि का लेनदेन करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया

Gorakhpur: साइबर ठगी और अवैध बैंकिंग लेनदेन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत चिलुआताल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए म्यूल खाते खुलवाकर अवैध धनराशि का लेनदेन करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, चेक, चेकबुक, आधार कार्ड, प्रिंटर सहित कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस का मानना है कि गिरफ्तार आरोपी एक संगठित नेटवर्क के माध्यम से साइबर अपराधियों के लिए बैंक खातों का इस्तेमाल कर रहे थे। मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।

गिरफ्तार आरोपी

पुलिस अधीक्षक उत्तरी के निर्देशन में शशि शेखर द्विवेदी निवासी हीरागंज नारायणपुर थाना गुलरिहा तथा धरमवीर प्रजापति निवासी अमवा टोला, झुंगिया बाजार थाना चिलुआताल को गिरफ्तार किया।

पूछताछ में आरोपी ने उगला राज

पूछताछ में सामने आया कि आरोपी लोगों को आसानी से लोन दिलाने का झांसा देकर उनके नाम पर ग्रामीण बैंक में म्यूल खाते खुलवाते थे। इसके बाद खाते से संबंधित इंटरनेट बैंकिंग की आईडी, पासवर्ड और लिंक मोबाइल सिम अपने कब्जे में लेकर उन खातों का उपयोग अवैध धनराशि के लेनदेन के लिए करते थे। इस तरीके से साइबर ठगी से प्राप्त रकम को विभिन्न खातों में स्थानांतरित कर जांच एजेंसियों से बचने का प्रयास किया जाता था।

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बरामद सामान

गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 03 मोबाइल फोन, 20 चेक, 05 चेकबुक, 05 सिम रैपर, 02 आधार कार्ड, 01 प्रिंटर, 02 की-बोर्ड, 02 टेलीफोन तथा 01 माउस बरामद किया गया। पुलिस ने सभी सामान को कब्जे में लेकर फोरेंसिक और तकनीकी जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है ताकि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके।

पीड़ित की तहरीर के आधार पर थाना चिलुआताल में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 317(5), 316(5), 61(2) एवं 351(3) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

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पुलिस अधिकारियों की लोगों से अपील

पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति के कहने पर अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक, इंटरनेट बैंकिंग की आईडी, पासवर्ड या ओटीपी किसी के साथ साझा न करें।

यदि कोई लोन दिलाने या बैंकिंग सुविधा के नाम पर ऐसी जानकारी मांगता है तो तत्काल सतर्क रहें और निकटतम पुलिस स्टेशन या साइबर हेल्पलाइन पर इसकी सूचना दें। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।

Location :  Gorakhpur

Published :  26 July 2026, 2:40 AM IST

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