गोरखपुर में ग्राउंड रिपोर्ट सुधरने तक कोई राहत नहीं! 7 दरोगा समेत 42 पुलिसकर्मियों का तबादला, जानें वजह

गोरखपुर पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल! SSP डॉ. कौस्तुभ् ने जनहित और व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए 7 सब-इंस्पेक्टर, 2 हेड कांस्टेबल और 33 कांस्टेबलों समेत 42 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से पुलिस लाइन संबद्ध कर दिया है।

Gorakhpur: गोरखपुर जिले की पुलिस व्यवस्था को ज्यादा चुस्त-दुरुस्त और जनता के प्रति जवाबदेह बनाने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. कौस्तुभ् ने एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। जिले भर के विभिन्न थानों और पुलिस चौकियों में तैनात कुल 42 पुलिसकर्मियों को एक झटके में हटाकर तत्काल प्रभाव से पुलिस लाइन से जोड़ (संबद्ध कर) दिया गया है। अचानक हुए इस फैसले से पुलिस महकमे में हलचल मच गई है, लेकिन इसे थानों की कार्यशैली में ताजगी और पारदर्शिता लाने के एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है।

किन-किन अधिकारियों पर गिरी गाज?

स्थानांतरित किए गए कर्मचारियों में 7 उपनिरीक्षक (सब-इंस्पेक्टर), 2 मुख्य आरक्षी (हेड कांस्टेबल) और 33 आरक्षी (कांस्टेबल) शामिल हैं। पुलिस लाइन भेजे गए प्रमुख दरोगाओं में टीपी नगर चौकी से विजय प्रताप सिंह, विश्वविद्यालय चौकी से गिरीश मिश्र, कैंट थाने से शशि रंजन, गुलरिहा से अभिषेक कुशवाहा, खजनी से ओम प्रकाश, कैम्पियरगंज से अमित सिंह और रामगढ़ताल थाने से उपेन्द्र कुमार का नाम शामिल है। इसके अलावा हेड कांस्टेबल राजेश सिंह व जितेन्द्र सिंह समेत 33 सिपाहियों को भी थानों से हटाकर लाइन हाजिर किया गया है।

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ज़िले के लगभग हर थाने से जुड़ा है मामला

इस तबादला सूची की सबसे खास बात यह है कि इसमें जिले के लगभग हर प्रमुख थाने के सिपाही शामिल हैं। कोतवाली, तिवारीपुर, एम्स, शाहपुर, गगहा, खजनी, कैम्पियरगंज, पीपीगंज, झंगहा, गीडा, सहजनवा, बेलघाट, सिकरीगंज, चिलुआताल, रामगढ़ताल, बेलीपार, पिपराइच, उरुवा, राजघाट, गोला, बड़हलगंज और चौरीचौरा जैसे थानों से सिपाहियों को हटाया गया है। एसएसपी के स्पष्ट निर्देश हैं कि सभी पुलिसकर्मी बिना किसी देरी के अपने मौजूदा थाने से कार्यमुक्त हों और तुरंत पुलिस लाइन में जाकर अपनी आमद दर्ज कराएं।

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जनता को बेहतर सेवा देने की कवायद

अधिकारियों का मानना है कि लंबे समय से एक ही जगह पर टिके रहने या काम में मनमाफिक ढिलाई को रोकने के लिए इस तरह के कड़े फैसले जरूरी होते हैं। इस फेरबदल का मुख्य मकसद थानों पर आने वाले आम नागरिकों की सुनवाई को बेहतर बनाना और क्राइम कंट्रोल पर फोकस करना है। पुलिस लाइन से अब इन पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता और जरूरत के हिसाब से नई जगहों पर तैनाती की जाएगी, जिससे जिले में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा सके।

Location :  Gorakhpur

Published :  25 July 2026, 8:21 AM IST

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