हिंदी
बरेली में होटल फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर 19.44 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित ने आगरा के युवक और कथित CEO पर साजिश, धमकी और धोखाधड़ी के आरोप लगाए हैं।
Symbolic Photo
Bareilly: बड़े होटल ब्रांड, मोटा मुनाफा और चमकदार बिज़नेस का सपना इन्हीं लालचों के जाल में फंसाकर बरेली में एक होटल संचालक से लाखों रुपये ठग लिए गए। मामला इतना सुनियोजित बताया जा रहा है कि पहले भरोसा जीता गया, फिर कागज़ी खेल खेला गया और आखिर में धमकियों के साथ पूरा मामला दबाने की कोशिश की गई। बरेली के बारादरी इलाके से सामने आई इस घटना ने एक बार फिर फ्रेंचाइजी के नाम पर हो रही ठगी के खतरनाक नेटवर्क की पोल खोल दी है।
बरेली के बारादरी थाना क्षेत्र में यह बड़ा धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जहां होटल फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर 19.44 लाख रुपये ठग लिए गए। पीड़ित होटल संचालक ने इस मामले की शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से की है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित अंकित अग्रवाल ने बताया कि उन्हें एक बड़े होटल ब्रांड की फ्रेंचाइजी दिलाने का झांसा दिया गया था।
पीड़ित के अनुसार, आगरा निवासी दिनेश कुमार ने खुद को प्रभावशाली बताते हुए उनसे संपर्क किया। उसने भरोसा दिलाया कि वह उन्हें एक नामी होटल ब्रांड की फ्रेंचाइजी दिलवा सकता है। इसके बाद दिनेश कुमार ने उनकी मुलाकात कथित होटल CEO विलास पवार से कराई। आरोप है कि दोनों ने मिलकर एक सुनियोजित साजिश के तहत पीड़ित को झांसे में लिया और भारी मुनाफे का लालच देकर पैसे ऐंठ लिए।
रायबरेली में ऐसा क्या हुआ कि एक ही परिवार के 23 बच्चे अचनाक पड़ गए बीमार, वजह जानकर डॉक्टर भी हैरान
पीड़ित का कहना है कि बातचीत के बाद विलास पवार ने एक नोटरी एग्रीमेंट तैयार कराया, जिससे पूरा मामला वैध और भरोसेमंद लगे। इसी एग्रीमेंट के आधार पर फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर 18 लाख रुपये उनके खाते में ट्रांसफर कराए गए। इसके अलावा GST के नाम पर 1 लाख 44 हजार रुपये अलग से लिए गए। इस तरह कुल 19.44 लाख रुपये की रकम वसूल ली गई।
आरोप है कि पैसे लेने के बाद आरोपियों ने पीड़ित से अग्निशमन विभाग और बिजली विभाग से NOC सहित अन्य जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने को कहा। पीड़ित ने समय पर सभी प्रक्रियाएं पूरी भी कर दीं। लेकिन इसके बावजूद न तो फ्रेंचाइजी दी गई और न ही कोई ठोस जवाब मिला। समय बीतने के साथ पीड़ित को शक होने लगा कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है।
जब पीड़ित ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और जान से मारने तक की धमकी दी। साफ तौर पर कह दिया गया कि न तो फ्रेंचाइजी मिलेगी और न ही पैसे वापस किए जाएंगे।
साइलेंट हार्टअटैक या कुछ और? बरेली पुलिस लाइन में सिपाही की मौत पर उठे सवाल
पीड़ित का आरोप है कि यह पूरी घटना पहले से रची गई साजिश का हिस्सा थी, जिसमें दिनेश कुमार और विलास पवार दोनों शामिल हैं। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।