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राम मंदिर चंदा विवाद (Img: Google)
Ayodhya: अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े चंदा विवाद को लेकर सियासी और धार्मिक हलचल तेज हो गई है। श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान के उपयोग और वित्तीय पारदर्शिता को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों को समझने के लिए नृपेंद्र मिश्र आज अयोध्या पहुंच रहे हैं। माना जा रहा है कि वे पूरे विवाद की स्थिति का आकलन करेंगे और ट्रस्ट स्तर पर चल रही प्रक्रिया को समझेंगे। हालांकि, आधिकारिक रूप से इसे सामान्य समीक्षा बताया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने इस मामले पर स्पष्ट कहा है कि यह पूरी तरह से ट्रस्ट का आंतरिक विषय है। सरकार इसमें किसी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि ट्रस्ट किसी सहायता की मांग करता है तो उस पर विचार किया जाएगा, लेकिन वर्तमान में यह मामला ट्रस्ट के स्तर पर ही देखा जा रहा है।
इस विवाद को लेकर कुछ साधु-संतों और सामाजिक संगठनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं लखनऊ हाईकोर्ट में इस संबंध में एक PIL भी दाखिल की गई है। आरोप है कि दान राशि के उपयोग और लेखा-जोखा को लेकर पूरी पारदर्शिता नहीं बरती गई है।
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एक पत्र प्रधानमंत्री को भेजकर ट्रस्ट की सभी वित्तीय गतिविधियों दान राशि, बैंक खातों, भूमि खरीद, खर्च और ऑडिट रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग की गई है। इसमें यह भी कहा गया है कि श्रद्धालुओं को यह जानने का अधिकार है कि उनके दान का उपयोग कैसे किया गया।
इस मामले पर समाजवादी पार्टी सहित विभिन्न राजनीतिक दलों ने भी प्रतिक्रिया दी है। कुछ नेताओं ने सीबीआई जांच की मांग की है और कहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में होनी चाहिए।
Location : Ayodhya, Uttar Pradesh
Published : 13 June 2026, 3:30 PM IST