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सलमान खान और अलवीरा खान को कोर्ट ने भेजा नोटिस (Img: AI Generated Image)
Mumbai: बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान और उनकी बहन अलवीरा खान अग्निहोत्री एक बार फिर कानूनी मामले को लेकर चर्चा में हैं। चंडीगढ़ की जिला अदालत ने 'बीइंग ह्यूमन' ज्वैलरी कारोबार से जुड़े एक विवाद में दोनों समेत संबंधित कंपनी के डायरेक्टर्स को नोटिस जारी किया है। अदालत ने सभी पक्षों को 5 अक्टूबर को पेश होकर शिकायत में लगाए गए आरोपों पर अपना जवाब देने के लिए कहा है।
फिलहाल यह नोटिस केवल सभी पक्षों का पक्ष जानने के लिए जारी किया गया है। अदालत ने अभी किसी भी आरोप को सही या गलत नहीं माना है।
इस पूरे मामले की शुरुआत चंडीगढ़ के कारोबारी अरुण गुप्ता की शिकायत से हुई। उनका कहना है कि कुछ साल पहले उनकी मुलाकात सलमान खान से हुई थी। इसी दौरान उन्हें 'बीइंग ह्यूमन' ज्वैलरी का शोरूम खोलने के लिए प्रेरित किया गया। अरुण गुप्ता का दावा है कि उन्होंने इस भरोसे पर करीब 3 करोड़ रुपये का निवेश किया और फ्रेंचाइजी लेकर शोरूम शुरू किया। उनका आरोप है कि कारोबार शुरू होने के बाद उन्हें वह सहयोग नहीं मिला जिसका वादा किया गया था।
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शिकायत के अनुसार, शोरूम तैयार करने में ही करीब 1 करोड़ रुपये खर्च हुए। कारोबारी का कहना है कि उन्होंने समझौते की सभी शर्तों का पालन किया, लेकिन कंपनी की ओर से जरूरी सपोर्ट नहीं मिला। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ज्वैलरी सप्लाई करने वाला स्टोर कुछ समय बाद बंद हो गया, जिससे सामान की उपलब्धता प्रभावित हुई और कारोबार लगातार नुकसान में चला गया। उनका कहना है कि इसी वजह से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
दूसरी ओर, 'स्टाइल एंड कंटेंट ज्वैलरी प्राइवेट लिमिटेड' पहले भी इन आरोपों को खारिज कर चुकी है। कंपनी का कहना है कि सलमान खान की इस कारोबारी समझौते में कोई सीधी भूमिका नहीं थी। कंपनी के अनुसार, उसे केवल 'बीइंग ह्यूमन' ब्रांड का लाइसेंस मिला था, जबकि ज्वैलरी के संचालन, मार्केटिंग और बिक्री की पूरी जिम्मेदारी कंपनी की थी।
अरुण गुप्ता ने अपनी शिकायत में यह भी कहा कि उन्हें बताया गया था कि शोरूम का उद्घाटन सलमान खान करेंगे। लेकिन उद्घाटन के समय उनकी जगह अभिनेता आयुष शर्मा पहुंचे। शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्हें इस पूरे मामले में गुमराह किया गया। हालांकि इन आरोपों पर अभी अदालत में सुनवाई बाकी है और सभी पक्षों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा।
यह विवाद पहली बार 2021 में पुलिस तक पहुंचा था। लंबे समय तक कोई समाधान नहीं निकलने के बाद शिकायतकर्ता ने अदालत का रुख किया। अब जिला अदालत ने मामले में नोटिस जारी कर दिया है।
Location : Mumbai
Published : 6 August 2026, 1:34 PM IST