कन्नौज में चालान पर भड़के तीर्थयात्री, अलीगढ़-कानपुर हाईवे पर बस खड़ी कर लगाया जाम

कन्नौज में अलीगढ़-कानपुर नेशनल हाईवे पर तीर्थयात्रियों ने परिवहन विभाग की कार्रवाई के विरोध में बस खड़ी कर जाम लगा दिया। श्रद्धालुओं ने गलत चालान का आरोप लगाया, जबकि विभाग ने ओवरलोडिंग और परमिट नियमों के उल्लंघन को कार्रवाई की वजह बताया। करीब 10 मिनट बाद अधिकारियों के समझाने पर यातायात बहाल हुआ।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 6 August 2026, 9:23 PM IST
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Kannauj: उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में गुरुवार सुबह अलीगढ़-कानपुर नेशनल हाईवे पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब तीर्थयात्रियों ने परिवहन विभाग की कार्रवाई के विरोध में सड़क जाम कर दिया। धार्मिक यात्रा से लौट रहे श्रद्धालुओं ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने बिना बातचीत किए बस की फोटो खींचकर गलत चालान कर दिया। नाराज यात्रियों ने बस को हाईवे पर आड़ा-तिरछा खड़ा कर दिया, जिससे करीब आधा किलोमीटर लंबा जाम लग गया।

बैद्यनाथ धाम समेत कई धार्मिक स्थलों से लौट रहे थे श्रद्धालु

जानकारी के मुताबिक, देवरिया जिले के नैनपुर गांव के करीब 55 श्रद्धालु सावन महीने में धार्मिक यात्रा पर निकले थे। यात्रा के दौरान उन्होंने झारखंड के देवघर स्थित प्रसिद्ध बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग में जलाभिषेक किया। इसके बाद श्रद्धालु मथुरा, आगरा, कन्नौज और अयोध्या के धार्मिक स्थलों के दर्शन करते हुए वापस अपने घर लौट रहे थे।

बस चालक मजीद ने बताया कि गुरुवार सुबह करीब 7:30 बजे जब बस छिबरामऊ क्षेत्र के सिकंदरपुर स्थित एक होटल के पास पहुंची, तभी सफेद रंग की बोलेरो से आए अधिकारियों ने बस को रुकवाया और उसकी फोटो खींच ली। इसके बाद बस का चालान कर दिया गया।

चालान के विरोध में सड़क पर उतरे यात्री

श्रद्धालुओं का आरोप था कि परिवहन विभाग की टीम ने उनसे कोई जानकारी या बातचीत किए बिना कार्रवाई कर दी। अचानक हुई इस कार्रवाई से नाराज यात्रियों ने मौके पर ही विरोध शुरू कर दिया और बस को सड़क पर खड़ा कर दिया। कुछ ही देर में हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने के बाद एनएचएआई (NHAI) के अधिकारी मौके पर पहुंचे और श्रद्धालुओं को उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। अधिकारियों के समझाने के बाद करीब 10 मिनट में जाम समाप्त हुआ और हाईवे पर यातायात फिर से शुरू हो गया।

परिवहन विभाग ने आरोपों को बताया गलत

वहीं, परिवहन विभाग ने श्रद्धालुओं के आरोपों को खारिज किया है। यात्री एवं माल कर अधिकारी सुनीता सैनी ने बताया कि शासन के निर्देश पर ‘मिशन आरोही’ अभियान के तहत वाहनों की जांच की जा रही थी। उन्होंने बताया कि संबंधित बस के पास 50 यात्रियों का परमिट था, लेकिन बस में 70 से अधिक यात्री सवार पाए गए। परमिट की शर्तों के उल्लंघन और ओवरलोडिंग के चलते नियमानुसार 11 हजार रुपये का चालान किया गया है। अधिकारी ने यह भी कहा कि कुछ लोगों ने यात्रियों को भड़काकर वीडियो बनाए और मामले को गलत तरीके से पेश किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्रवाई नियमों के तहत की गई है।

जांच और कार्रवाई को लेकर बना विवाद

फिलहाल तीर्थयात्रियों और परिवहन विभाग के बीच चालान को लेकर विवाद सामने आया है। एक ओर श्रद्धालु इसे गलत कार्रवाई बता रहे हैं, वहीं विभाग इसे नियमों के उल्लंघन पर की गई वैध कार्रवाई बता रहा है।

Location :  Kannauj

Published :  6 August 2026, 9:23 PM IST

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