UP Rajya Sabha Election: BJP बदलेगी ज्यादातर चेहरे! इन 3 नेताओं को मिल सकता है फिर मौका, जातीय समीकरण पर नजर

उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों पर 16 अक्टूबर 2026 को चुनाव होना है। रिपोर्ट के मुताबिक भाजपा ज्यादातर नए चेहरों को मौका देने पर विचार कर रही है, जबकि बृज लाल, हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा को दोबारा मौका मिल सकता है। जातीय प्रतिनिधित्व और विधानसभा संख्या का गणित भी अहम रहेगा।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 23 September 2026, 12:32 PM IST
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Lucknow: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राज्यसभा की 10 सीटों पर होने वाला चुनाव राजनीतिक दलों के लिए अहम पड़ाव बन गया है। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक इन सीटों पर 16 अक्टूबर 2026 को मतदान होगा। उत्तर प्रदेश की जिन 10 सीटों पर चुनाव होना है, उनमें फिलहाल आठ भाजपा, एक समाजवादी पार्टी और एक बहुजन समाज पार्टी के पास है।

BJP के ज्यादातर मौजूदा चेहरों पर बदलाव की चर्चा

अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, भाजपा इस बार सामाजिक समीकरण को ध्यान में रखते हुए ज्यादातर नए चेहरों को मौका देने की तैयारी में है। पार्टी सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्तमान आठ भाजपा सदस्यों में से कम से कम पांच को दोबारा मौका नहीं मिलने की संभावना है। इनमें डॉ. दिनेश शर्मा पहले ही अंडमान-निकोबार के उपराज्यपाल नियुक्त होने के बाद राज्यसभा से इस्तीफा दे चुके हैं।

उत्तर प्रदेश से जिन भाजपा सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें सीमा द्विवेदी, नीरज शेखर, अरुण सिंह, बीएल वर्मा, गीता शाक्य, हरदीप सिंह पुरी और बृज लाल शामिल हैं।

तीन नेताओं को फिर मौका मिलने की अटकल

रिपोर्ट में पार्टी सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि बृज लाल, हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा को दोबारा राज्यसभा भेजे जाने पर विचार किया जा सकता है। बृज लाल अनुसूचित जाति और बीएल वर्मा ओबीसी पृष्ठभूमि से आते हैं, जबकि हरदीप सिंह पुरी केंद्र सरकार में मंत्री हैं। हालांकि भाजपा ने अभी उम्मीदवारों की आधिकारिक सूची जारी नहीं की है।

जातीय समीकरण में भी बदलाव के संकेत

रिपोर्ट के अनुसार भाजपा मौजूदा सामाजिक प्रतिनिधित्व को लगभग बरकरार रखते हुए चेहरे बदलने पर विचार कर सकती है। वर्तमान आठ भाजपा सदस्यों के सामाजिक प्रतिनिधित्व में अगड़ी जातियों के चार, ओबीसी के दो, एक अल्पसंख्यक और एक एससी चेहरा बताया गया है। रिपोर्ट में ओबीसी प्रतिनिधित्व को दो से बढ़ाकर तीन करने की संभावना भी जताई गई है।

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राज्यसभा चुनाव में क्या है विधानसभा का गणित?

चुनाव आयोग के अनुसार उत्तर प्रदेश में प्रभावी विधानसभा संख्या 397 है और एक राज्यसभा सीट के लिए कम से कम 37 प्रथम वरीयता वाले वोट जरूरी हैं। मौजूदा विधानसभा संख्या के आधार पर भाजपा नीत गठबंधन आठ सीटों तक पहुंचने की स्थिति में बताया जा रहा है, जबकि सपा के पास दो सीटों के लिए पर्याप्त संख्या है। अंतिम परिणाम उम्मीदवारों, मतदान और किसी भी क्रॉस-वोटिंग पर निर्भर करेगा।

16 अक्टूबर को होगा मतदान

राज्यसभा चुनाव के लिए 29 सितंबर को अधिसूचना जारी होगी। नामांकन की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है, 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 9 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। 16 अक्टूबर को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा और उसी दिन शाम 5 बजे मतगणना होगी। चुनाव प्रक्रिया 19 अक्टूबर तक पूरी होनी है।

उत्तराखंड की एक राज्यसभा सीट पर भी इसी दिन चुनाव होगा। वहां मौजूदा भाजपा सांसद नरेश बंसल का कार्यकाल समाप्त हो रहा है और रिपोर्ट के मुताबिक पार्टी नए चेहरे पर विचार कर सकती है। उम्मीदवारों के नामों पर अंतिम तस्वीर नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के बाद ही साफ होगी।

Location :  Lucknow

Published :  23 September 2026, 12:32 PM IST

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