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शिलापट पर नाम को लेकर बवाल
नसीम सोलंकी ने कहा कि जब शासन के आदेशों का पालन नहीं हो रहा तो आखिर शिकायत किससे की जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन दोनों एक ही पक्ष में काम कर रहे हैं। विधायक ने यह भी कहा कि शिलापट पर हारे हुए प्रत्याशी का नाम शामिल है, जबकि उनका नाम नहीं लिखा गया, जो पूरी तरह गलत है।
विधायक ने आगे आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें ऐसा लगता है जैसे पूर्व प्रत्याशी को सरकार और प्रशासन ने गोद ले रखा है। उन्होंने दावा किया कि हर जगह उन्हीं के नाम को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यह पहली बार नहीं है। इससे पहले भी अन्य मामलों में इसी तरह की स्थिति देखने को मिली है।
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वहीं भाजपा पार्षद आलोक पांडेय ने सपा विधायक के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पलटवार किया। उन्होंने कहा कि नसीम सोलंकी राजनीति को बेवजह तूल दे रही हैं। पार्षद का कहना है कि संबंधित शिलापट नगर निगम की निधि से नहीं बल्कि एक निजी संस्था के सहयोग से लगाया गया है। इसलिए किसी शासनादेश का सवाल ही नहीं उठता।
भाजपा पार्षद ने यह भी आरोप लगाया कि विधायक अपने पति और पूर्व विधायक इरफान सोलंकी का नाम शिलापट पर लिखवाने का दबाव बना रही हैं। यह विवाद को और बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की शिकायत मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष से की जाएगी और जरूरत पड़ी तो कानूनी कार्रवाई भी होगी।
Location : Kanpur
Published : 8 June 2026, 4:02 AM IST