किसानों के हक से खिलवाड़ नहीं चलेगा… देवरिया में 13 खाद दुकानों पर छापेमारी, चार उर्वरकों के नमूने जांच के लिए भेजे गए

देवरिया में खरीफ सीजन के बीच कृषि विभाग ने उर्वरक विक्रेताओं पर बड़ी कार्रवाई की है। 13 प्रतिष्ठानों पर छापेमारी के दौरान चार उर्वरकों के नमूने जांच के लिए भेजे गए, जबकि दो दुकानों पर अनियमितताएं मिलने के बाद नोटिस जारी किया गया।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 7 August 2026, 9:28 PM IST
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Deoria: खरीफ सीजन के बीच किसानों को सही गुणवत्ता का उर्वरक उपलब्ध कराने और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए कृषि विभाग ने शुक्रवार को जिलेभर में बड़ा अभियान चलाया। शासन के निर्देश और जिलाधिकारी के आदेश पर उर्वरक निरीक्षकों की टीम ने अलग-अलग तहसीलों में 13 उर्वरक प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की।

जांच के दौरान चार उर्वरकों के नमूने संदेह के आधार पर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए, जबकि दो प्रतिष्ठानों पर अनियमितता मिलने के बाद कार्रवाई भी की गई।

जिलेभर में चला सघन जांच अभियान

कृषि विभाग की टीम ने बरहज, भाटपाररानी, सलेमपुर, रुद्रपुर और देवरिया सदर तहसील क्षेत्रों में एक साथ निरीक्षण अभियान चलाया। अलग-अलग अधिकारियों के नेतृत्व में गठित टीमों ने खाद दुकानों पर पहुंचकर स्टॉक, बिक्री व्यवस्था और अभिलेखों की गहन जांच की। अधिकारियों ने यह भी देखा कि किसानों को निर्धारित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है या नहीं और बिक्री शासन की गाइडलाइन के अनुसार हो रही है या नहीं।

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चार उर्वरकों के नमूने जांच के लिए भेजे गए

निरीक्षण के दौरान कुछ प्रतिष्ठानों पर उर्वरकों की गुणवत्ता को लेकर संदेह होने पर चार नमूने लिए गए। इन नमूनों को प्रयोगशाला भेजा गया है, जहां उनकी गुणवत्ता की जांच की जाएगी। अगर जांच रिपोर्ट में किसी प्रकार की गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

एक दुकान बंद मिली, दूसरी को नोटिस

अभियान के दौरान मिश्रोलिया स्थित मिश्रा खाद बीज भंडार बंद मिला। वहीं महुआनी के गुप्ता बीज भंडार में अभिलेख अधूरे पाए गए। दोनों प्रतिष्ठानों के संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर आगे की कार्रवाई भी की जाएगी।

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पीओएस मशीन और स्टॉक का किया मिलान

जांच के दौरान अधिकारियों ने दुकानों पर उपलब्ध उर्वरक स्टॉक, बिक्री रजिस्टर और पीओएस मशीन के रिकॉर्ड का भी मिलान किया। यह सुनिश्चित किया गया कि बिक्री का पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों स्तर पर सही तरीके से दर्ज हो। साथ ही दुकानदारों को सभी अभिलेख नियमित रूप से अपडेट रखने और सरकारी नियमों का पूरी तरह पालन करने के निर्देश दिए गए।

किसानों को दिए गए जरूरी निर्देश

अधिकारियों ने उर्वरक विक्रेताओं से कहा कि किसानों को केवल उनके रकबे के अनुसार ही उर्वरक उपलब्ध कराया जाए। किसी भी गैर-अनुदानित उर्वरक की अनिवार्य टैगिंग नहीं की जाए और निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूलने की शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई होगी।

Location :  Deoria

Published :  7 August 2026, 9:28 PM IST

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