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गोरखपुर में पुलिस प्रशासन ने कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। कई थानों और चौकियों पर नए अधिकारियों की तैनाती की गई है।
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Gorakhpur: गोरखपुर में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए पुलिस प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। थानों की कार्यशैली, अपराध नियंत्रण और जनता की शिकायतों के निस्तारण को लेकर लंबे समय से चली आ रही चर्चाओं के बीच अब प्रशासनिक स्तर पर सख्त फैसला लिया गया है। जिले की पुलिसिंग व्यवस्था को ज्यादा चुस्त-दुरुस्त बनाने के उद्देश्य से कई अहम पदों पर तैनात अधिकारियों के तबादले किए गए हैं, जिससे आने वाले दिनों में जमीनी स्तर पर बदलाव साफ नजर आने की उम्मीद है।
जनपदीय स्थापना बोर्ड की बैठक के बाद आदेश
जनपद में गठित जनपदीय स्थापना बोर्ड की बैठक के कार्यवृत्त के क्रम में यह प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी तबादले जनहित और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए तत्काल प्रभाव से लागू किए गए हैं। इस आदेश को पुलिस प्रशासन की नियमित लेकिन जरूरी प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है।
खोराबार से गुलरिहा पहुंचे इत्यानन्द पाण्डेय
जारी आदेश के अनुसार उपनिरीक्षक श्री इत्यानन्द पाण्डेय को थानाध्यक्ष खोराबार के पद से हटाकर थानाध्यक्ष गुलरिहा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। खोराबार थाने में लंबे समय तक तैनात रहने के बाद अब उन्हें गुलरिहा जैसे संवेदनशील क्षेत्र की कमान दी गई है, जहां कानून-व्यवस्था बनाए रखना एक बड़ी चुनौती मानी जाती है।
सुधांशु सिंह को मिली थाने की कमान
उपनिरीक्षक श्री सुधांशु सिंह, जो अब तक चौकी प्रभारी रेलवे के पद पर कार्यरत थे, उन्हें थानाध्यक्ष के पद पर नई तैनाती दी गई है। माना जा रहा है कि रेलवे क्षेत्र में उनके अनुभव का लाभ अब थाना स्तर पर अपराध नियंत्रण और बेहतर पुलिसिंग में देखने को मिलेगा।
निरीक्षक स्तर पर भी बदलाव
निरीक्षक प्रभुदयाल सिंह को अतिरिक्त निरीक्षक अपराध थाना गुलरिहा से स्थानांतरित कर अतिरिक्त निरीक्षक अपराध थाना गगहा भेजा गया है। गगहा थाना क्षेत्र में बढ़ते आपराधिक मामलों को देखते हुए यह बदलाव अहम माना जा रहा है। वहीं उपनिरीक्षक अमित कुमार चौबे को थाना कैण्ट से हटाकर चौकी प्रभारी रेलवे की जिम्मेदारी दी गई है, जिससे रेलवे परिसर और यात्रियों की सुरक्षा को और मजबूत किया जा सके।
पुलिस प्रशासन का स्पष्ट संदेश
पुलिस प्रशासन का कहना है कि नए तैनात अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण, फरियादियों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएंगे। प्रशासनिक हलकों में इस फेरबदल को सख्त लेकिन जरूरी फैसला माना जा रहा है।
आगे और बदलाव के संकेत
सूत्रों के अनुसार आने वाले दिनों में और भी प्रशासनिक बदलाव संभव हैं। फिलहाल इस आदेश के बाद संबंधित थाना क्षेत्रों में नई रणनीति और नई कार्यशैली देखने को मिल सकती है, जिस पर आम जनता के साथ-साथ पुलिस महकमे की भी नजरें टिकी हुई हैं।