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नैनीताल में लोअर माल रोड के बाद अब तल्लीताल डांठ चौराहे पर उभरी नई दरारों ने भूस्खलन के खतरे को फिर बढ़ा दिया है। लोक निर्माण विभाग जांच और मरम्मत में जुटा है, लेकिन शहर की स्थिरता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सड़क पर उभरी नई दरारें
Nainital: शांत झील, ठंडी हवा और खूबसूरत पहाड़ों के बीच बसी सरोवर नगरी नैनीताल एक बार फिर खामोश खतरे की गिरफ्त में आती दिख रही है। शहर की सड़कों पर उभरती दरारें किसी अनहोनी की आहट दे रही हैं। पहले लोअर माल रोड और अब तल्लीताल डांठ चौराहा, जमीन का यूं टूटना सिर्फ तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि आने वाले बड़े संकट का इशारा माना जा रहा है। सवाल यह है कि क्या नैनीताल फिर उसी राह पर बढ़ रहा है, जहां जमीन अचानक जवाब दे देती है।
लोअर माल रोड के बाद अब डांठ चौराहा दरका
नैनीताल की लोअर माल रोड पर 2018 और फिर 2025 में आई बड़ी दरारों का स्थायी समाधान अब तक नहीं हो सका। इसी बीच तल्लीताल डांठ चौराहे पर सड़क की सतह टूटने लगी है। छोटी-बड़ी नई दरारों ने स्थानीय लोगों के साथ-साथ प्रशासन की भी नींद उड़ा दी है। अगर ये दरारें आगे बढ़ती हैं, तो यह पूरे शहर की भौगोलिक स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं।
पर्यटन सीजन में बढ़ी चिंता
नैनीताल सालभर पर्यटकों से गुलजार रहता है और गर्मियों में रोजाना 15 से 20 हजार सैलानी यहां पहुंचते हैं। भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस को शहर से करीब आठ किलोमीटर पहले बाईपास पर वाहनों की एंट्री रोकनी पड़ती है और शटल सेवा से लोगों को भेजा जाता है। ऐसे में डांठ चौराहे जैसी अहम जगह पर सड़क का दरकना खतरे की घंटी माना जा रहा है।
सिर्फ सतह या अंदर तक नुकसान?
फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि दरारें सिर्फ पिछले साल बिछाई गई मेस्टिक परत तक सीमित हैं या सड़क के भीतर तक असर कर चुकी हैं। अगर दरारें नीचे तक पहुंच चुकी हैं, तो मानसून के दौरान यह इलाका बड़े भूस्खलन की जद में आ सकता है, क्योंकि नैनीताल पहले से ही हर साल भूस्खलन की मार झेलता रहा है।
लोक निर्माण विभाग की सफाई
लोनिवि के अधिशासी अभियंता रत्नेश कुमार सक्सेना के अनुसार, अक्टूबर में डांठ चौराहे के चौड़ीकरण के बाद जोड़ों को भरने के लिए मेस्टिक बिछाई गई थी। सर्दी में इस परत का सिकुड़ना सामान्य प्रक्रिया है, जिससे ऊपर दरारें दिख सकती हैं। वहीं लोअर माल रोड, जो सितंबर 2025 से बंद है, वहां मरम्मत का काम तेजी से चल रहा है।
मरम्मत का दावा, लेकिन सवाल बरकरार
लोनिवि के सहायक अभियंता विवेक सिंह ने बताया कि मरम्मत का पहला चरण लगभग 80 प्रतिशत पूरा हो चुका है और आगे सड़क की मजबूती में सुधार दिखेगा। लेकिन शहरवासियों के मन में अब भी यही सवाल है कि क्या यह मरम्मत नैनीताल को भविष्य के खतरे से बचा पाएगी।