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रायबरेली के राजकीय सम्प्रेक्षण गृह का जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने निरीक्षण किया। बच्चों को उनके अधिकारों, सुविधाओं और निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में जागरूक किया गया।
राजकीय सम्प्रेक्षण गृह में पहुंचे विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव
Raebareli: कानून की नजर में संरक्षण में रह रहे बच्चों की सुरक्षा, अधिकार और सुविधाएं सिर्फ कागजों तक सीमित न रह जाएं, इसके लिए रायबरेली में प्रशासन सक्रिय नजर आया। राजकीय सम्प्रेक्षण गृह में रहने वाले बच्चों की स्थिति, उनकी जरूरतें और अधिकारों को लेकर एक अहम पहल की गई, जहां व्यवस्थाओं की हकीकत परखी गई और जिम्मेदारों को साफ संदेश दिया गया कि बच्चों के भविष्य से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सम्प्रेक्षण गृह का निरीक्षण
उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ तथा जनपद न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष अमित पाल सिंह के निर्देश पर सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायबरेली अमोद कंठ ने राजकीय सम्प्रेक्षण गृह का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गृह में आवासित बच्चों से सीधी बातचीत कर उनकी समस्याएं जानी गईं और व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया गया।
बच्चों को उनके अधिकारों की जानकारी
निरीक्षण के दौरान सचिव अमोद कंठ ने सम्प्रेक्षण गृह में रह रहे बच्चों को उनके अधिकारों के बारे में जागरूक किया। उन्होंने बच्चों को समझाया कि कानून उन्हें क्या-क्या अधिकार देता है और किन परिस्थितियों में वे अपनी बात रख सकते हैं। बच्चों को बताया गया कि किसी भी तरह की परेशानी या अन्याय की स्थिति में वे चुप न रहें और अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
सुविधाओं को लेकर सख्त निर्देश
सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बच्चों को समय से दवा, पौष्टिक भोजन और दैनिक उपयोग की सभी जरूरी वस्तुएं नियमित रूप से उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि बच्चों की देखरेख में किसी भी प्रकार की लापरवाही गंभीर मानी जाएगी और इसके लिए जिम्मेदारों की जवाबदेही तय होगी।
निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी
बच्चों को यह भी बताया गया कि उन्हें निःशुल्क विधिक सहायता पाने का पूरा अधिकार है। यदि उन्हें किसी प्रकार की कानूनी मदद की जरूरत हो तो वे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रायबरेली के कार्यालय में किसी भी कार्यदिवस में पहुंचकर अपनी शिकायत या समस्या दर्ज करा सकते हैं।
अधिकारी रहे मौजूद
इस निरीक्षण और जागरूकता कार्यक्रम के दौरान प्रधान मजिस्ट्रेट किशोर न्याय बोर्ड वसुंधरा शर्मा, जिला प्रोबेशन अधिकारी जयपाल वर्मा और पराविधिक स्वयंसेवक पवन कुमार श्रीवास्तव भी उपस्थित रहे। सभी ने बच्चों की स्थिति को लेकर गंभीरता दिखाई और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया।