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एम्स रायबरेली में आज से शुरू हो रही तीन दिवसीय राष्ट्रीय तम्बाकू निषेध कॉन्फ्रेंस में देशभर के विशेषज्ञ तम्बाकू रोकथाम की नीतियों और शोध पर मंथन करेंगे।
एम्स रायबरेली में आज से तंबाकू निषेध पर राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस
Raebareli: तम्बाकू जैसी घातक आदत के खिलाफ देशभर की आवाज अब रायबरेली में एक मंच पर सुनाई देगी। एम्स रायबरेली में आज (30 जनवरी 2026) से तम्बाकू निषेध को लेकर तीन दिवसीय राष्ट्रीय स्तर की कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें देश के कोने-कोने से विशेषज्ञ, शोधकर्ता और ऑनकोलोजिस्ट हिस्सा लेंगे। इस कॉन्फ्रेंस के जरिए न सिर्फ अब तक किए गए प्रयासों की समीक्षा होगी, बल्कि भविष्य की रणनीति पर भी गंभीर मंथन किया जाएगा।
देशभर के विशेषज्ञ होंगे शामिल
कॉन्फ्रेंस को लेकर जानकारी देते हुए डॉक्टर भोलानाथ ने बताया कि इस आयोजन में तम्बाकू निषेध से जुड़े देशभर के विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं। टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल मुंबई, पीजीआई चंडीगढ़ समेत कई प्रतिष्ठित संस्थानों के ऑनकोलोजिस्ट अपने-अपने शोध पत्रों के साथ एम्स रायबरेली पहुंच रहे हैं। सातवीं राष्ट्रीय तम्बाकू निषेध कॉन्फ्रेंस को होस्ट करने को लेकर एम्स रायबरेली के विशेषज्ञों में खासा उत्साह है।
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नीतियों की सफलता और असफलता पर चर्चा
एम्स रायबरेली के पीआरओ डॉक्टर नीरज श्रीवास्तव ने बताया कि इस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सरकार को तम्बाकू निषेध को लेकर ठोस सलाह देने में सहूलियत मिलेगी। उन्होंने कहा कि तम्बाकू रोकथाम को लेकर अब तक जो नीतियां बनाई गई हैं, उनमें कुछ सफल रही हैं तो कुछ में अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पाए हैं। इस कॉन्फ्रेंस का मुख्य उद्देश्य यह समझना है कि जिन बिंदुओं पर हम असफल रहे हैं, वहां शोध और नीति में बदलाव कैसे किया जा सकता है।
शोध और जागरूकता पर जोर
डॉक्टर नीरज श्रीवास्तव ने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों से आए शोधकर्ता और वैज्ञानिक अपने शोध यहां प्रस्तुत करेंगे। इन्हीं शोधों के आधार पर यह तय किया जा सकेगा कि नीति स्तर पर क्या बदलाव जरूरी हैं। साथ ही आम लोगों को जागरूक करना भी इस कॉन्फ्रेंस का बड़ा लक्ष्य है, ताकि यह संदेश साफ तौर पर पहुंचे कि तम्बाकू का सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है।
राष्ट्रीय मंच के रूप में उभरता एम्स रायबरेली
उन्होंने कहा कि एम्स रायबरेली इस आयोजन के जरिए एक राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य कर रहा है, जहां सभी राज्यों से जुड़े प्रतिभागी एक साथ आ रहे हैं। यह संस्थान के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इस कॉन्फ्रेंस में वे विशेषज्ञ भी शामिल होंगे, जो अपने-अपने राज्यों में नेशनल टोबैको कंट्रोल प्रोग्राम के तहत स्टेट नोडल ऑफिसर या फर्स्ट स्टेट कंसल्टेंट की भूमिका निभा रहे हैं।
डिप्टी सीएम करेंगे शुभारंभ
तीन दिवसीय इस कार्यशाला का शुभारंभ आज उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक करेंगे। स्वास्थ्य के क्षेत्र में यह आयोजन न केवल रायबरेली बल्कि पूरे प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।