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एटीएस ने मुरादाबाद से आईएसआईएस के ऑनलाइन मॉड्यूल से जुड़े सहारनपुर निवासी संदिग्ध आतंकी हारिश अली को गिरफ्तार किया है। आरोपी बीडीएस सेकेंड ईयर का छात्र बताया जा रहा है और उस पर सोशल मीडिया के जरिए जिहादी विचारधारा फैलाने का आरोप है।
हारिश अली
Moradabad: उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) को सोमवार को बड़ी सफलता मिली है। एटीएस ने मुरादाबाद से आईएसआईएस के ऑनलाइन मॉड्यूल से जुड़े सहारनपुर निवासी संदिग्ध आतंकी हारिश अली को गिरफ्तार किया है। वह बीडीएस सेकेंड ईयर का छात्र बताया जा रहा है। एटीएस के मुताबिक हारिश अली आईएसआईएस के हैंडलर्स और अन्य कट्टरपंथी तत्वों के संपर्क में था।
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी भारत सरकार को नुकसान पहुंचाने और शरिया कानून लागू कर खिलाफत व्यवस्था स्थापित करने की सोच के साथ सक्रिय था। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि वह लोकतांत्रिक व्यवस्था को नहीं मानता था और जंग-ए-जिहाद के जरिए आईएसआईएस का शासन स्थापित करने की बात करता था।
एटीएस के अनुसार, आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के अलावा इनक्रिप्टेड एप्स जैसे सेशन और डिस्कॉर्ड का इस्तेमाल कर रहा था। उसने इन प्लेटफॉर्म पर फर्जी अकाउंट बनाए हुए थे और अपनी पहचान छिपाने के लिए वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) का भी उपयोग करता था।
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बताया जा रहा है कि उसने कई ऑनलाइन ग्रुप बनाए हुए थे, जिनके माध्यम से वह आईएसआईएस की जिहादी विचारधारा का प्रचार-प्रसार करता था। इन ग्रुप्स में आईएसआईएस से जुड़े मीडिया चैनलों की सामग्री, पत्रिकाएं, मारे गए आतंकियों की तस्वीरें, वीडियो, ऑडियो और भाषण साझा किए जाते थे।
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इसके अलावा आरोपी ने अल इत्तेहाद मीडिया फाउंडेशन नाम से एक प्रोपेगेंडा ग्रुप भी बनाया था। जांच में यह भी सामने आया है कि वह भारत, पाकिस्तान समेत अन्य देशों में मौजूद आईएसआईएस हैंडलर्स के संपर्क में था और समूहों में फिदायीन हमलों के लिए लोगों को उकसाने का काम करता था।
एटीएस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी की गतिविधियों पर काफी समय से नजर रखी जा रही थी। पर्याप्त सबूत मिलने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया और उसके खिलाफ यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल उसके अन्य साथियों और संभावित नेटवर्क की भी तलाश की जा रही है।