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रानी तालाब मंदिर
Balrampur : बलरामपुर को छोटी काशी कहा जाता है और यही पहचान यहां के प्राचीन मंदिरों से जुड़ी है। इन्हीं में से एक रानी तालाब हनुमान मंदिर है। यह श्रद्धा और भक्ति का ऐसा केंद्र है। जहां पहुंचते ही मन को शांति मिलती है। करीब 150 साल पुराने इस मंदिर में हर दिन भक्तों की आवाजाही रहती है। ज्येष्ठ माह में इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। ऐसा लगता है जैसे पूरा शहर भक्ति में डूब गया हो।
जैसे ही ज्येष्ठ माह की शुरुआत होती है। इस मंदिर का माहौल पूरी तरह बदल जाता है। हर मंगलवार को यहां बड़ा मंगल मनाया जाता है। जिसे बुढ़वा मंगल भी कहते हैं। सुबह होते ही मंदिर के बाहर लंबी कतारें लग जाती हैं। दूर-दूर से आए श्रद्धालु बजरंगबली के दर्शन के लिए घंटों इंतजार करते हैं। मंदिर परिसर में हर तरफ हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ गूंजता रहता है। जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाता है।
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इस मंदिर का इतिहास भी उतना ही खास है जितनी इसकी आस्था। माना जाता है कि इसका निर्माण बलरामपुर रियासत के महाराजाओं ने कराया था। मंदिर की बनावट में उस समय की कला साफ नजर आती है। ऊंचे शिखर और खूबसूरत नक्काशी आज भी लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है। मंदिर के पास स्थित रानी तालाब इसकी सुंदरता को और बढ़ा देता है, जो इस जगह को और भी खास बना देता है।
मंदिर के पास बना रानी तालाब अपने अंदर इतिहास समेटे हुए है। बुजुर्गों के मुताबिक, रियासतकाल में राज परिवार की महिलाएं यहां स्नान करती थीं, इसी वजह से इसका नाम रानी तालाब पड़ा। आज भी यह तालाब मंदिर की पहचान का अहम हिस्सा बना हुआ है और यहां आने वाले श्रद्धालुओं को अपनी ओर खींचता है।
आधुनिक दौर में भी यह मंदिर अपनी पुरानी पहचान को संजोए हुए है। स्थानीय लोगों ने बताया कि यहां आने वाले हर व्यक्ति को मानसिक शांति मिलती है। प्रशासन और मंदिर समिति इसके संरक्षण और सौंदर्यीकरण में जुटी हुई है। जिससे यह धरोहर आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रह सके।
Location : Balrampur
Published : 5 May 2026, 9:21 PM IST
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