UP ATS का बड़ा खुलासा: गिरफ्तार आतंकियों के तार पाकिस्तान से जुड़े? पूरे नेटवर्क की जांच जारी

उत्तर प्रदेश एटीएस ने बड़ी कार्रवाई में दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जिनके तार ISI और पाकिस्तानी गैंगस्टरों से जुड़े पाए गए। आरोपी सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को भड़का रहे थे और VIP लोगों पर ग्रेनेड हमले की साजिश रच रहे थे।

Updated : 27 April 2026, 1:00 PM IST
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Lucknow: उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वाड ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जिनके तार पाकिस्तान स्थित अपराधियों और इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) से जुड़े पाए गए हैं। एजेंसी के अनुसार, ये आरोपी भारत में युवाओं को गुमराह कर आतंकी गतिविधियों के लिए तैयार करने की साजिश में शामिल थे।

सोशल मीडिया के जरिए तैयार हो रहा था स्लीपर सेल

एटीएस को खुफिया जानकारी मिली थी कि ISI के इशारे पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे इंस्टाग्राम के माध्यम से भारतीय युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेला जा रहा है। जांच में सामने आया कि पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आबिद जट के साथ कुछ कट्टरपंथी यूट्यूबर्स मिलकर इस नेटवर्क को चला रहे थे।

इनका मकसद युवाओं को पैसे और विचारधारा के जरिए प्रभावित कर देश में स्लीपर सेल तैयार करना था, जिससे भविष्य में बड़ी आतंकी घटनाओं को अंजाम दिया जा सके।

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मेरठ और दिल्ली से जुड़े आरोपी

जांच के दौरान दो मुख्य आरोपियों की पहचान हुई- मेरठ निवासी तुषार चौहान उर्फ हिज्बुल्ला अली खान और दिल्ली निवासी समीर खान। दोनों ही सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तानी नेटवर्क के संपर्क में आए थे।

एटीएस ने 23 अप्रैल को नोएडा से दोनों को गिरफ्तार किया। इनके पास से एक पिस्तौल, पांच कारतूस और एक चाकू बरामद हुआ है।

VIP पर ग्रेनेड हमले की साजिश

एटीएस के अनुसार, तुषार चौहान को सीधे तौर पर VIP लोगों को निशाना बनाने का निर्देश दिया गया था। उसे उनके घरों पर हथगोले फेंकने और हत्या करने के लिए उकसाया गया था।

पूछताछ में तुषार ने बताया कि उसे इस काम के लिए पहले 50 हजार रुपये और मिशन पूरा होने के बाद ढाई लाख रुपये देने का लालच दिया गया था। साथ ही, उसे पासपोर्ट बनवाकर दुबई के रास्ते पाकिस्तान भेजने का भी वादा किया गया था।

ISI एजेंट्स से भी संपर्क की बात

तुषार ने यह भी खुलासा किया कि उसे मेजर हमीद, मेजर इकबाल और मेजर अनवर जैसे ISI एजेंट्स द्वारा टार्गेट दिए जाने की बात कही गई थी। इससे स्पष्ट होता है कि यह नेटवर्क केवल आपराधिक नहीं बल्कि संगठित आतंकी साजिश का हिस्सा था।

समीर खान की भूमिका

दूसरा आरोपी समीर खान भी सोशल मीडिया के जरिए इस नेटवर्क से जुड़ा था। उसे ‘तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान’ जैसे संगठन के प्रचार-प्रसार का काम सौंपा गया था। उसे दीवारों पर इस संगठन के नाम लिखने और नए युवाओं को जोड़ने की जिम्मेदारी दी गई थी।

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देश की शांति बिगाड़ने की साजिश

एटीएस के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अमिताभ यश ने बताया कि यह नेटवर्क भारत की शांति और सामाजिक सद्भाव को बिगाड़ने के उद्देश्य से काम कर रहा था। युवाओं को कट्टरपंथ और लालच के जरिए आतंकी गतिविधियों में शामिल करने की योजना बनाई जा रही थी।

पूरे नेटवर्क की जांच जारी

एटीएस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इस मॉड्यूल से और कितने लोग जुड़े हैं और देश के किन-किन हिस्सों में इसका प्रभाव फैला हुआ है।

Location :  Lucknow

Published :  27 April 2026, 1:00 PM IST

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