हिंदी
रायबरेली एम्स में तंबाकू नियंत्रण और निषेध पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने किया। सम्मेलन में देशभर के 200 से अधिक विशेषज्ञ शामिल हुए और तंबाकू से होने वाली 14 लाख वार्षिक मौतों पर चिंता जताई।
Raebareli: देश में तंबाकू एक ऐसी “खामोश बीमारी” बन चुका है, जो हर साल लाखों जिंदगियों को निगल रही है, लेकिन इसके बावजूद लोग इसे हल्के में लेते हैं। इसी गंभीर खतरे को लेकर रायबरेली एम्स में बड़ा राष्ट्रीय मंथन शुरू हुआ है। स्वास्थ्य के मोर्चे पर यह लड़ाई अब सिर्फ डॉक्टरों तक सीमित नहीं, बल्कि सरकार और समाज की साझा जिम्मेदारी बनती जा रही है। इसी कड़ी में रायबरेली एम्स में तंबाकू नियंत्रण और निषेध पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आगाज हुआ।
डिप्टी सीएम ने किया सम्मेलन का शुभारंभ
रायबरेली एम्स पहुंचे उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक ने सातवें राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण एवं तंबाकू निषेध पर आधारित तीन दिवसीय कॉन्फ्रेंस का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। इस राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर से करीब 200 से अधिक तंबाकू निषेध विशेषज्ञ शामिल हुए हैं। टाटा मेमोरियल मुंबई, पीजीआई चंडीगढ़, दिल्ली मैक्स सहित कई बड़े संस्थानों के ऑन्कोलॉजिस्ट और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने अपने शोध और अनुभव साझा किए।
14 लाख मौतें, डराने वाले आंकड़े
सम्मेलन में विशेषज्ञों ने बताया कि देश में हर साल करीब 14 लाख लोग तंबाकू के सेवन के कारण असमय मौत का शिकार हो रहे हैं। यह आंकड़ा न सिर्फ चौंकाने वाला है, बल्कि देश के भविष्य के लिए गंभीर चेतावनी भी है। एम्स रायबरेली के डॉक्टर और विशेषज्ञ भी इस विषय को लेकर खासे उत्साहित नजर आए और तंबाकू के खिलाफ जागरूकता को और मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया।
तंबाकू छोड़ने की खुली अपील
डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने कहा कि रायबरेली एम्स में आयोजित यह राष्ट्रीय सेमिनार बेहद अहम है। उन्होंने प्रदेश के युवाओं और नागरिकों से अपील की कि सिगरेट, बीड़ी, हुक्का, गुटखा, खैनी जैसे तंबाकू उत्पादों का सेवन पूरी तरह बंद करें। उन्होंने कहा कि तंबाकू कैंसर, हार्ट अटैक, ब्रेन हेमरेज जैसी गंभीर और जानलेवा बीमारियों को जन्म देता है।
27 करोड़ उपभोक्ता, बड़ी चुनौती
डिप्टी सीएम ने कहा कि देश में करीब 27 करोड़ लोग तंबाकू उत्पादों का सेवन करते हैं, जो बेहद चिंताजनक है। सरकार का लक्ष्य है कि युवाओं को तंबाकू से दूर रखा जाए और प्रदेश को स्वस्थ बनाकर विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने इस सम्मेलन के आयोजन के लिए एम्स रायबरेली और भारत सरकार का आभार जताया।