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देवरिया में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने “मनरेगा बचाओ संग्राम” के तहत विकास भवन का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। मजदूरों की लंबित मजदूरी को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई और जल्द भुगतान की मांग उठाई गई।
सड़क पर उतरे कांग्रेस कार्यकर्ता
Deoria: देवरिया में आज माहौल उस वक्त गरमा गया जब सैकड़ों की संख्या में लोग सड़क पर उतर आए और विकास भवन को चारों तरफ से घेर लिया। आरोप है कि गरीब मजदूरों की मेहनत की कमाई महीनों से अटकी हुई है, और इसी गुस्से ने विरोध को आंदोलन में बदल दिया। “मनरेगा बचाओ संग्राम” के नाम पर शुरू हुआ यह प्रदर्शन देखते ही देखते सरकार के खिलाफ बड़े विरोध में तब्दील हो गया। नारेबाजी, प्रदर्शन और चेतावनी सब कुछ एक साथ देखने को मिला, जिससे प्रशासन भी सतर्क हो गया।
पूरा मामला देवरिया का है, जहां कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने “मनरेगा बचाओ संग्राम” अभियान के तहत विकास भवन का घेराव किया। सुबह से ही कार्यकर्ता जुटने लगे थे और कुछ ही समय में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। इसके बाद विकास भवन के बाहर जोरदार प्रदर्शन शुरू हुआ। कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मजदूरों के हक की आवाज बुलंद की।
प्रदर्शन की मुख्य वजह मनरेगा मजदूरों की लंबित मजदूरी बताई जा रही है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम के तहत काम करने वाले करीब एक करोड़ परिवारों की मजदूरी लंबे समय से अटकी हुई है। उनका आरोप है कि मजदूरों ने काम तो किया, लेकिन उन्हें उसका भुगतान समय पर नहीं मिला, जिससे उनके सामने रोजमर्रा के खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। गांवों में हालात ऐसे हैं कि कई परिवारों को उधार लेकर गुजारा करना पड़ रहा है।
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कांग्रेस नेताओं ने प्रदर्शन के दौरान सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि यह सिर्फ प्रशासनिक देरी नहीं बल्कि गरीबों के अधिकारों के साथ खिलवाड़ है। नेताओं ने कहा कि मनरेगा जैसी योजना गरीबों के लिए जीवनरेखा है, लेकिन जब उसी योजना में मजदूरी का भुगतान समय पर नहीं होगा, तो इसका सीधा असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी की और साफ शब्दों में चेतावनी दी कि अगर जल्द ही मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। उनका कहना है कि यह सिर्फ एक शुरुआत है और जरूरत पड़ी तो जिले से लेकर राज्य स्तर तक बड़े आंदोलन किए जाएंगे। कार्यकर्ताओं का गुस्सा साफ तौर पर दिखाई दे रहा था और उन्होंने सरकार को जल्द फैसला लेने के लिए कहा।
प्रदर्शन के बाद कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में मजदूरों की लंबित मजदूरी का जल्द भुगतान करने की मांग की गई है।