West Bengal Election: पश्चिम बंगाल की पांच हॉट सीट, जिस पर सीएम से लेकर दिग्गजों की टिकी है किस्मत

West Bengal Election Results 2026: पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों की मतगणना आज होगी। इसके साथ ही साफ हो जाएगा कि जनता ने अगले पांच वर्षों के लिए किस पार्टी को सत्ता की जिम्मेदारी सौंपी है। ईवीएम में दर्ज मतों के खुलने के बाद यह तय होगा कि मतदाताओं ने किसके पक्ष में अपना जनादेश दिया हैं।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 4 May 2026, 10:15 AM IST
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West Bengal Election Results 2026: पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों की मतगणना आज होगी। इसके साथ ही साफ हो जाएगा कि जनता ने अगले पांच वर्षों के लिए किस पार्टी को सत्ता की जिम्मेदारी सौंपी है। ईवीएम में दर्ज मतों के खुलने के बाद यह तय होगा कि मतदाताओं ने किसके पक्ष में अपना जनादेश दिया और किसकी सरकार बनने का रास्ता तैयार किया। बंगाल की कुछ हॉट सीटों पर सभी की नजर टिकी हुई हैं।

यह राज्य की सबसे चर्चित सीट है।

मुकाबला: ममता बनर्जी (टीएमसी) बनाम सुवेंदु अधिकारी (बीजेपी)।

नंदीग्राम में 2021 की जीत के बाद, अधिकारी मुख्यमंत्री को उनके गढ़ में चुनौती दे रहे हैं। भाजपा की यह "चक्रव्यूह" रणनीति है, जिसके तहत वह टीएमसी प्रमुख को उनके शहरी निर्वाचन क्षेत्र से जोड़ना चाहती है और शहरी गैर-बंगाली मतदाताओं और सत्ता विरोधी लहर का फायदा उठाना चाहती है।

देखने लायक 5 अन्य महत्वपूर्ण मुकाबले

1. नंदीग्राम

उम्मीदवार: सुवेंदु अधिकारी (भाजपा) बनाम पबित्रा कर (टीएमसी)।

2007 के भूमि विरोध प्रदर्शनों के बाद से यह एक प्रतीकात्मक युद्धक्षेत्र बना हुआ है। टीएमसी ने इस मुकाबले में व्यक्तिगत प्रभाव जोड़ने के लिए पूर्व अधिकारी सहयोगी कर को मैदान में उतारा है।

2. दिन्हाटा

उम्मीदवार: उदयन गुहा (टीएमसी) बनाम अजय रॉय (भाजपा)।

उत्तर बंगाल के सबसे अस्थिर क्षेत्रों में से एक। इस सीट पर अतीत में मात्र 57 वोटों का अंतर रहा है, जिससे यह एक महत्वपूर्ण स्विंग सीट बन गई है।

3. आसनसोल दक्षिण

उम्मीदवार: अग्निमित्र पॉल (भाजपा) बनाम तापस बनर्जी (टीएमसी)।

यह औद्योगिक क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करता है। कोयला उद्योग में गिरावट और बेरोजगारी जैसे मुद्दे इस शहरी संघर्ष में प्रमुख भूमिका निभाते हैं।

4. भांगर

उम्मीदवार: नवसाद सिद्दीकी (आईएसएफ) बनाम सौकत मोल्ला (टीएमसी)।

यह एक अस्थिर और अल्पसंख्यक बहुल सीट है। वर्तमान में आईएसएफ का दबदबा कायम है, लेकिन टीएमसी अपने पूर्व गढ़ को फिर से हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है।

5. बहरामपुर

उम्मीदवार: अधीर रंजन चौधरी (कांग्रेस) बनाम सुब्रत मैत्रा (भाजपा) बनाम नारू गोपाल मुखर्जी (टीएमसी)।

दिग्गज नेता चौधरी 2024 के लोकसभा चुनावों में मिली हार के बाद अपनी राजनीतिक पकड़ फिर से मजबूत करने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं।

Location :  Kolkata

Published :  4 May 2026, 10:14 AM IST

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