हिंदी
महराजगंज में मंत्री ओमप्रकाश राजभर के कार्यक्रम के दौरान हुए विवाद का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मारपीट के आरोपों के बीच धर्मराज चौरसिया की गिरफ्तारी पर सवाल उठ रहे हैं। किसान धर्मराज चौरसिया की गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।
पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर को दिखाया काला झंडा
Maharajganj: महराजगंज जनपद मुख्यालय में पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर के कार्यक्रम में हुए काला झंडा विरोध और उसके बाद हुई कथित मारपीट का मामला अब और ज्यादा गरमा गया है। इस पूरे घटनाक्रम में पनियरा क्षेत्र के निवासी किसान धर्मराज चौरसिया की गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार जिला मुख्यालय पर आयोजित एक कार्यक्रम में मंत्री ओमप्रकाश राजभर के आगमन के दौरान कुछ लोगों ने काला झंडा दिखाकर विरोध दर्ज कराया था। आरोप है कि इसी दौरान स्थिति अचानक बिगड़ गई और धर्मराज चौरसिया के साथ मारपीट की गई। समर्थकों का कहना है कि उन्हें गालियां दी गईं और गंभीर रूप से पीटा गया।
घटना के बाद सबसे बड़ा विवाद इस बात को लेकर खड़ा हुआ है कि मारपीट के आरोपियों पर कार्रवाई करने के बजाय पुलिस ने धर्मराज चौरसिया को ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वर्तमान में वे महराजगंज जिला कारागार में निरुद्ध हैं, जिससे उनके समर्थकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
इस मामले में जनहित किसान पार्टी और चौरसिया समाज के लोगों ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर न्याय की मांग की है। उनका कहना है कि घटना का वीडियो सोशल मीडिया और विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल है, जिसमें पूरी घटना स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है। ऐसे में निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
समर्थकों का यह भी दावा है कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने किसी तरह धर्मराज चौरसिया की जान बचाई, लेकिन बाद में उन्हीं के खिलाफ कार्रवाई कर दी गई, जो न्याय व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।