अब डिजिटल सुराग खोलेंगे राज… दोहरी नागरिकता मामले में 27 आरोपियों की जांच ने पकड़ी नई रफ्तार

भारत-नेपाल सीमा पर दोहरी नागरिकता मामले की जांच अब डिजिटल साक्ष्यों पर केंद्रित हो गई है। एजेंसियों द्वारा 27 आरोपियों के पतों के स्थलीय सत्यापन के साथ-साथ उनके मोबाइल नंबर, ई-मेल और दस्तावेजों का तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है, ताकि फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह की सच्चाई सामने आ सके।

Balrampur: भारत-नेपाल सीमा से जुड़े चर्चित दोहरी नागरिकता मामले की जांच अब ऐसे मोड़ पर पहुंच गई है, जहां हर डिजिटल जानकारी को बारीकी से खंगाला जा रहा है। पहले दस्तावेजों और पतों का सत्यापन किया गया, लेकिन अब जांच एजेंसियों का फोकस मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी और अन्य तकनीकी रिकॉर्ड पर है। माना जा रहा है कि इस जांच से कई नए तथ्य सामने आ सकते हैं और पूरे मामले की तस्वीर पहले से कहीं ज्यादा साफ हो सकती है।

मोबाइल नंबर और ई-मेल बने जांच का सबसे बड़ा आधार

जांच अधिकारियों के अनुसार, प्राथमिकी में नामजद 27 आरोपियों के मतदाता पहचान पत्र, पासपोर्ट, राजस्व अभिलेख और आवासीय पतों की जांच का एक बड़ा हिस्सा पूरा हो चुका है। अब उन आवेदन फॉर्मों में दर्ज मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी और अन्य डिजिटल जानकारियों का तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है।

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जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं एक ही मोबाइल नंबर या ई-मेल आईडी का इस्तेमाल अलग-अलग लोगों के दस्तावेज तैयार कराने में तो नहीं हुआ।

अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में

सिर्फ आरोपियों के दस्तावेज ही नहीं, बल्कि उन अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है, जिन्होंने पहचान और पते का सत्यापन किया था। जांच टीम यह समझने की कोशिश कर रही है कि संबंधित प्रमाण किस आधार पर जारी किए गए और सत्यापन प्रक्रिया में कहीं कोई लापरवाही या अनियमितता तो नहीं हुई।

अगर जांच के दौरान किसी स्तर पर नियमों की अनदेखी या गलत प्रमाणन के साक्ष्य मिलते हैं, तो संबंधित लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है।

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इन पतों का हो रहा स्थलीय सत्यापन

जांच का एक अहम हिस्सा उन पतों की पड़ताल भी है, जो सरकारी दस्तावेजों में दर्ज हैं। तुलसीपुर नगर के शीतलपुर वार्ड स्थित पूर्व सांसद रिजवान जहीर की गली समेत एफआईआर में दर्ज सभी स्थानों का मौके पर जाकर सत्यापन किया जा रहा है। जांच टीम यह सुनिश्चित कर रही है कि जिन पतों के आधार पर दस्तावेज तैयार किए गए, वे वास्तव में मौजूद थे या उनका इस्तेमाल केवल भारतीय नागरिकता से जुड़े कागजात तैयार कराने के लिए किया गया।

हर पहलू पर जुटाए जा रहे साक्ष्य

पुलिस और जांच एजेंसियां पूरे मामले में जल्दबाजी से बचते हुए हर पहलू की गहराई से जांच कर रही हैं। डिजिटल रिकॉर्ड, दस्तावेजी प्रमाण और स्थलीय सत्यापन के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

Location :  Balrampur

Published :  25 July 2026, 1:01 PM IST

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