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ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Img- X)
New Delhi: मध्य पूर्व में बढ़ते भीषण तनाव के बीच ईरान ने अंतरराष्ट्रीय मंच से अमेरिका को दो टूक चेतावनी दे दी है। किर्गिस्तान में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के विदेश मंत्रियों के सम्मेलन में ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ किया कि तेहरान अमेरिकी धौंस, दबाव और सैन्य धमकियों के आगे कभी घुटने नहीं टेकेगा। अराघची ने कहा कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत न होने की सबसे बड़ी वजह संवाद की कमी नहीं, बल्कि अमेरिका की दादागिरी और जबरदस्ती की नीतियां हैं।
अराघची ने सम्मेलन के दौरान रूस, चीन, पाकिस्तान और अन्य मित्र देशों के विदेश मंत्रियों से मुलाकात की। उन्होंने SCO सदस्य देशों से अपील की कि वे अमेरिका और पश्चिमी देशों के उस एकतरफा रवैये का जमकर विरोध करें, जो वैश्विक संबंधों पर अपना दबदबा बनाना चाहते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के राष्ट्रीय हितों और अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए तेहरान किसी भी हद तक जाने को तैयार है।
ईरानी विदेश मंत्री का यह तीखा बयान ऐसे वक्त में आया है जब अमेरिकी सेना (CENTCOM) ने ईरान में लगातार 13वीं रात कई ठिकानों को निशाना बनाकर हवाई हमले किए हैं। ओमान सागर में गैस ले जा रहे एक एलपीजी टैंकर पर भी अमेरिकी मिसाइलें दागी गईं।
दूसरी ओर, अमेरिका के इन हमलों के जवाब में ईरान ने 'ऑपरेशन लाइटनिंग' के तहत कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमलों की नई लहर शुरू कर दी है, जिससे क्षेत्र में पूर्ण युद्ध का खतरा बढ़ गया है।
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तनाव के चरम पर पहुंचने के बीच ईरान के खताम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के कमांडर मेजर जनरल अब्दुल्लाही ने बेहद सख्त लहजे में चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा कि अब से हर एक शहीद ईरानी नागरिक के बदले एक अमेरिकी सैनिक को निशाना बनाया जाएगा। उन्होंने तंज कसते हुए अमेरिकी सेना को संदेश दिया कि ईरान ने उनके सैनिकों के लिए 'नरक के सीधे और मुफ्त टिकट' तैयार कर लिए हैं।
Location : New Delhi
Published : 25 July 2026, 12:37 PM IST