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अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Img- X)
Tehran: पश्चिम एशिया में सैन्य तनाव और कूटनीति का एक ऐसा अनोखा खेल शुरू हो गया है, जिसने रक्षा विशेषज्ञों को भी हैरान कर दिया है। एक तरफ ईरान की राजधानी तेहरान के आसमान को अमेरिकी सर्विलांस और रिफ्यूलिंग विमानों ने घेर लिया है, वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सार्वजनिक रूप से ईरान के रवैये की तारीफ कर रहे हैं।
इसे महज विरोधाभास नहीं, बल्कि ट्रंप प्रशासन की 'हार्ड पावर और सॉफ्ट कूटनीति' की जुगलबंदी के रूप में देखा जा रहा है। अमेरिका एक हाथ से सैन्य ताकत दिखाकर तेहरान को दबाव में रख रहा है, तो दूसरे हाथ से बातचीत का रास्ता खुला रखने का संकेत दे रहा है।
ईरान के ऊपर अचानक बढ़ी सैन्य गतिविधियों ने युद्ध की आशंकाओं को हवा दे दी है। फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, तेहरान के पास अमेरिकी सेना के बेहद आधुनिक विमान जिसमें हवा में ईंधन भरने वाले तीन KC-135, दो KC-46A और निगरानी रखने वाला एक E-3 AWACS विमान शामिल हैं सक्रिय देखे गए हैं।
इस हवाई घेराबंदी के बीच ईरान के बोरूजर्द शहर के पास तेज धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं, जिससे ईरान का एयर डिफेंस सिस्टम हाई अलर्ट पर आ गया है। हालांकि, इन धमाकों के पीछे की असली वजह अब तक रहस्य बनी हुई है।
इस सैन्य तनाव के ठीक समानांतर, डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ईरान द्वारा दिसंबर 2024 से हिरासत में ली गई एक अमेरिकी महिला नागरिक की रिहाई की पुष्टि की। ट्रंप ने इसे ईरान का एक 'गुडविल जेस्चर' (सद्भावना कदम) बताते हुए इसकी सराहना की है।
जानकारों का मानना है कि ट्रंप इस रिहाई को अपनी कूटनीतिक जीत के रूप में पेश कर रहे हैं। वह ईरान को यह संदेश दे रहे हैं कि यदि तेहरान सहयोग का रास्ता चुनता है, तो अमेरिका नरमी बरत सकता है, लेकिन अगर उसने आक्रामक रुख अपनाया, तो अमेरिकी वायुसेना के विमान तेहरान के सिर पर पहले से ही मंडरा रहे हैं।
Location : Tehran
Published : 16 July 2026, 10:22 AM IST