हिंदी
पूर्व प्रधानमंत्री की पौत्री अंजली मिश्रा ने उनके काव्य पक्ष को याद करते हुए कहा कि वह अपनी कविताओं के माध्यम से जटिल से जटिल विषयों को सरलता से कह देते थे। देश के विकास के प्रति उनकी दूरगामी सोच आज भी प्रेरणा का मुख्य स्रोत है।
No related posts found.